इसलिए नहीं दी मान सरोवर यात्रा को इजाजत? चीन ने दिया ये बयान

नई दिल्ली : मानसरोवर यात्रा मामले पर चीन ने उल्टा भारत सरकार पर आरोप लगाए हैं. चीन का आरोप है कि भारतीय सैनिक उसकी सीमा में घुस गए हैं. उन्हें भारत सरकार वापस नहीं बुला रही. चीन ने मांग की है कि भारत सीमा पार करने वाले अपने सैनिकों को जल्द ही वापस बुलाए और इस मामले की पूरी जांच करे. ताकि चीन-भारत सीमा के सिक्किम भाग में शांति बनी रह सके. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता कंग श्वांग ने 26 जून को यह बयान दिया है.

कंग श्वांग ने कहा कि चीन-भारत सीमा का सिक्किम हिस्सा साल 1890 की चीन और ब्रिटेन के बीच तिब्बत-भारत संधि में साफ साफ चीन के कब्जे में है. भारत के स्वतंत्र होने के बाद भी भारत सरकार ने कई बार लिखित तरीके से इसकी पुष्टि की थी कि दोनों पक्षों के बीच सिक्किम भाग को लेकर कोई विवाद नहीं है.

चीन ने भारत से मांग की है कि वह सीमा संधि के निर्णय व चीन की प्रादेशिक भूमि का सम्मान करे. और इसके साथ ही सीमा पार करने वाले भारतीय सैनिकों को वापस बुलाए, ताकि चीन-भारत सीमा के सिक्किम भाग की शांति और सुरक्षा बनी रहे.

कंग श्वांग के अनुसार हाल में भारतीय सैनिकों ने चीन-भारत सीमा के सिक्किम भाग को पार कर चीन में प्रवेश किया. उन्होंने चीनी सैनिकों की तोंगलांग क्षेत्र में सामान्य गतिविधियों को बाधित किया. चीन ने भी इसके जवाब में कदम उठाया.

 

कंग श्वांग ने कहा कि मौजूदा समय में इस मामले की वजह से सुरक्षा पर सोच-विचार कर चीन ने विवश होकर चीन-भारत सीमा के सिक्किम भाग में नाथुला दर्रे पर भारतीय श्रद्धालुओं के प्रवेश को अस्थाई तौर पर बंद किया और राजनयिक तरीके से भारत को सूचित किया है.

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