मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री का आग लगाऊ बयान, कहा किसानों के कर्ज माफ करने का सवाल ही नहीं

भोपाल: हो न हो मध्यप्रदेश के बीजेपी वाले शिवराज को डुबाकर ही मानेंगे. एक तरफ शिवराज किसानों से बातचीत करने और आग न लगाने की अपील कर रहेहैं दूसरी तरफ उनके साथी कृषि मंत्री आग लगाने वाले बयान दे रहे हैं. किसानों को शांत करने के बजाय वो भड़काऊ बयान देने में लगे हैं.

प्रदेश के कृषि मंत्री गौरी शंकर बिसेन ने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत करते हुए कहा कि, ”एमपी में किसान की कर्जमाफी का स्थान नहीं बनता. यह इसलिए नहीं बनता क्योंेकि आज हम ब्याज नहीं बल्कि सामग्री में मूलधन पर 10 प्रतिशत कम ले रहे हैं जब हमने किसान से ब्या्ज ही नहीं लिया, हमने जब किसान पर ब्याज ही नहीं लगने दिया तो किस बात का कर्ज माफ होगा?”

वहीं दूसरी तरफ मंदसौर हिंसा और किसानों के प्रदर्शन के बीच मध्य प्रदेश के मुख्यममंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल के दशहरा मैदान में अपना अनिश्चितकालीन उपवास शुरू कर दिया है. उन्होंंने किसानों से शांति की अपील के साथ अपना उपवास शुरू किया. उनके साथ कई मंत्री भी उपवास पर बैठे हैं.

इस मौके पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के बिना प्रदेश आगे नहीं बढ़ सकता. खेती सरकार की पहली प्राथमिकता है. सरकार पूरी तरह से किसानों के साथ है. सरकार ने किसानों के लिए कई कल्याण कारी योजनाएं चलाई हैं. किसान के खेतों तक पानी पहुंचाया है. किसानों के लिए फसल बीमा योजना लांच की गई है.

उपवास शुरू करने से पहले सीएम ने किसानों को संबोधित कई ट्वीट कर कहा, ”मेरे किसान भाइयों, बापू के देश में हिंसा की आवश्यंकता नहीं है. हम-आप शांतिपूर्ण ढंग से हर समस्या का समाधान ढूंढ़ लेंगे…”. उन्होंने कहा, मेरा यह उपवास किसानों की लड़ाई में उनके साथ खड़े होने का प्रतीक है. यह उपवास हिंसा के विरुद्ध है. हिंसा से कोई सृजन नहीं होता है. किसान आगजनी छोड़ें और बातचीत का रास्ता अपनाएं.

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