घर बैठे अपने सामने कौड़ियों के दाम में कराएं हैल्थ टेस्ट, आ गई सुपर मशीन

घर बैठे अपने सामने कौड़ियों के दाम में कराएं हैल्थ टेस्ट, आ गई सुपर मशीन

नई दिल्ली: अभी पैथोलॉजी में ब्लड और यूरिन के सभी टेस्ट करवाने में करीब 3 हजार रुपए का खर्च आता है. पर अब आपको इसके लिए इतने रुपए नहीं देने पड़ेंगे. दिल्ली की एक कंपनी ने ब्रीफकेस के आकार की ऐसी ‘पोर्टेबल पैथलैब’ डेवलप की है, जिसके जरिए ब्लड और यूरिन से जुड़े 76 टेस्ट किए जा सकते हैं. इसका खर्च भी महज 91 रुपए आएगा. एम्स, आर्मी, आईटीबीपी और कई राज्यों के सरकारी हॉस्पिटल्स में इसका टेस्ट किया जा चुका है. पैथलैब के नतीजे तुरंत आते हैं.

-> पैथलैब के नतीजों में सामान्य लैब की तुलना में 3% से भी कम का अंतर पाया गया. खास बात यह है कि इस पैथलैब के नतीजे तुरंत आते हैं. इसके अलावा रिपोर्ट को केबल या ब्लूटूथ के जरिए लैपटॉप या मोबाइल में भी भेज सकते हैं.

-> पैथलैब को 12 वोल्ट की बैटरी या सोलर सेल से भी चलाया जा सकता है. इसे बनाने वाली कंपनी को मेंटरिंग के साथ टेक्नीकल और फाइनेंशियल मदद केंद्र सरकार के बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री रिसर्च असिस्टेंस काउंसिल (बाइरैक) ने दी है.

-> बाइरैक की मैनेजिंग डायरेक्टर रेणु स्वरूप कहती हैं कि इसमें सबसे बड़ा इनोवेशन एक्यूकाइन नाम का एनालाइजर है, जिसके जरिए 32 बायोकेमिस्ट्री और 5 हीमेटोलॉजी पैरामीटर के नतीजे 2 सेकंड में मिल सकते हैं. यह जीरो से 50 डिग्री सेल्सियस पर काम कर सकता है.

-> इसमें सैंपल के लिए महज 0.5 मिलीलीटर ब्लड चाहिए. इसमें केमिकल का भी बहुत मामूली इस्तेमाल होता है.

-> बॉक्स में एनालाइजर के साथ सेंट्रीफ्यूज, इन्क्यूबेटर, डेटा रिकॉर्डर और मिनी लैपटॉप रहता है. इस बॉक्स के साथ ईसीजी किट, सीरोलॉजी किट, यूरोलॉजी किट, बीपी मशीन को बाइक पर फिट करके ‘लैबाइक’ भी विकसित की गई है. फिलहाल भारतीय सेना ने इसका इस्तेमाल शुरू किया है.’

-> शुगर, लिपिड प्रोफाइल, एलएफटी, केएफटी, हीमेटोलॉजी व सीरोलॉजी ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट और ईसीजी.

->हर साल दुनिया में 8 लाख बच्चे जन्म के समय दम घुटने से मर जाते हैं. दरअसल, बच्चे को सीपीआर और मुंह से आॅक्सीजन दी जाती है. इससे निजात के लिए नियोब्रीद बनाई गई है, जिसमें पैर से पैडल दबाकर बच्चे को पाइप से आॅक्सीजन दी जाती है.

-> यूरिन में प्रोटीन की मात्रा का पता लगाने के लिए साइंटीग्लो नाम का इक्विपमेंट बनाया गया है.

-> मौजूदा डिपस्टिक टेस्ट (यूरिन सैंपल में स्टिक डुबाकर रंग बदलने वाली प्रोसेस) का खर्च अभी प्रति टेस्ट 75 रु. तक आता है. साइंटीग्लो से इसका खर्च 5 रु. आएगा.