ऐसे आप पर पड़ेगी जीएसटी की मार, मीडिया और नेता छिपा रहे हैं ये जानकारी

ऐसे आप पर पड़ेगी जीएसटी की मार, मीडिया और नेता छिपा रहे हैं ये जानकारी




नई दिल्ली: दुनिया के उन्नत देशों की तर्ज पर भारत ने जीएसटी लागू कर दिया है. मीडिया लगातार दिखा रहा है और छाप रहा है कि जीएसटी आते ही सबकी ज़िंदगी खुश हाल हो जाएगी. बार बार उन चीज़ों के दामों का जिक्र किया जा रहा है जो सस्ती होने वाली है. लेकिन जीएसटी से खड़ी होने जा रही मुसीबतों पर सभी मौन हैं. इससे पहले जीएसटी पर महंगी होने जा रही चीज़ों पर आपको जानकारी दें आपको बताते हैं कि जीएसटी से क्या बड़ा असर पड़ने वाला है.




1. जीएसटी आने से दिल्ली की गली गली में लगी लोकल माल की फैक्ट्रियां बंद हो जाएंगी. ये सामान इसलिए सस्ता होता है क्योंकि ये फैक्ट्रियां टैक्स का भुगतान नहीं करतीं और इस बचत का फायदा जनता को पहुंचाती हैं. इससे आम खास तौर पर गरीब लोगों को सस्ता सामान मिल जाता है. बड़े कारखानों में सामान की लागत काफी कम होती है. अब चूंकि सारे सामान पर टैक्स लगेगा तो चीज़ें महंगी हो जाएंगी.

2. साप्ताहिक बाज़ारों में मिलने वाले सस्ते उत्पाद भी महंगे होंगे. इन बाज़ारों में वही सामान आता है जो टैक्स की बचत के कारण सस्ता होता है. ये सामान जब कंपनियों के सामान के बराबर महंगा होगा तो ये बाज़ार धीरे धीरे बंद ही होंगे.




3. छोटे दुकानदार अक्सर सामान कम दाम पर दे देते हैं इसकी वजह है बिल न होना. ये टैक्स का पैसा बचा लेते हैं और फायदा ग्राहक को मिलता है. जाहिर बात है आने वाले समय में हर चीज़ एमआरपी पर ही मिलेगी. यानी डिस्काउंट का खेल भी खत्म.

4. छोटे और कुटीर उद्योग में बनने वाला सामान देश में के 80 फीसदी बाज़ार की जान है. इसी सामान से देश की ज्यादातर आबाद काम चलाती है. ये सामान महंगे होने का मतलब है गरीब के जीने की कीमत बढ़ जाना. आमदनी बढ़ेगी नहीं और खर्चा ज्यादा होगा कई लोगों के घर का बजट बुरी तरह बिगड़ेगा जिसे संभालना मुश्किल होगा.

5. किसान के सामान का दाम नहीं बढेगा गेहूं चावल और दूध जैसे उत्पादों को टैक्स फ्री रखा गया है. यानी किसान का सामान कम दाम में ही बिकेगा जबकि बड़ी कंपनियों का सामान महंगा होगा.

6. देश के 80 फीसदी गरीब और निम्न आयवर्ग के लोगों को मिलने वाला सामान जिन फैक्ट्रियों में बनता है उनपर ताला लगने के हालात बनेंगे तो दूसरी तरफ उन कारखानों में ज्यादा माल बनेगा जिनकी मशीनें कम कर्मचारियों और मज़दूरों से ज्यादा सामान बनाती हैं. यानी बड़े कॉर्पोर्ट और उनकी कंपनियां.

7. कुछ लोग कह सकते हैं कि हम टैक्स चोरी की वकालत कर रहे हैं लेकिन देश की अधिकतम आबादी की आय बढ़ाए बगैर उन पर 28 फीसदी तक का बोझ बढ़ा देना कहां तक जायज है.




मीडिया का बड़ा हिस्सा कह रहा है कि जीएसटी से दाम कम हो जाएंगे. वो सिर्फ टैक्स की दर की बातें ही कर रहा है लेकिन जिस चीज़ पर टैक्स ही नहीं लगता उस पर अचानक 28 फीसदी टैक्स लगेगा तो क्या होगा?

इन पर लगेगा 28 फ़ीसदी टैक्स
मोटर कार
मोटर साइकल
चॉकलेट, कोकोआ बटर, फैट्स, ऑयल
पान मसाला
फ़्रिज़
परफ़्यूम, डियोड्रेंट
मेकअप का सामान
वॉल पुट्टी
दीवार के पेंट
टूथपेस्ट
शेविंग क्रीम
आफ़्टर शेव
लिक्विड सोप
प्लास्टिक प्रोडक्ट
रबर टायर
चमड़े के बैग
मार्बल, ग्रेनाइट, प्लास्टर, माइका
टेम्पर्ड ग्लास
रेज़र
डिश वॉशिंग मशीन
मैनिक्योर, पैडिक्योर सेट
पियानो
रिवॉल्वर

इन पर लगेगा 18 फ़ीसदी टैक्स

रिफाइंड शुगर
कंडेंस्ड मिल्क
प्रिजर्व्ड सब्ज़ियां
बालों का तेल
साबुन
हेलमेट
नोटबुक
जैम, जेली
सॉस, सूप, आइसक्रीम, इंस्टैंट फूड मिक्सेस
मिनरल वॉटर
पेट्रोलियम जेली, पेट्रोलियम कोक
टॉयलेट पेपर

इन पर लगेगा 12 फ़ीसदी टैक्स
ड्राई फ्रूट्स
घी, मक्खन
नमकीन
मांस-मछली
दूध से बने ड्रिंक्स
फ़्रोज़ेन मीट
बायो गैस
मोमबत्ती
एनेस्थेटिक्स
अगरबत्ती
दंत मंजन पाउडर
चश्मे के लेंस
बच्चों की ड्रॉइंग बुक
कैलेंडर्स
एलपीजी स्टोव
नट, बोल्ट, पेंच
ट्रैक्टर
साइकल
एलईडी लाइट
खेल का सामान
आर्ट वर्क

इन पर लगेगा 5 फ़ीसदी टैक्स
चाय, कॉफ़ी
खाने का तेल
ब्रांडेड अनाज
सोयाबीन, सूरजमुखी के बीज
ब्रांडेड पनीर
कोयला (400 रुपये प्रति टन लेवी के साथ)
केरोसीन
घरेलू उपभोग के लिए एलपीजी
ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्ट
ज्योमेट्री बॉक्स
कृत्रिम किडनी
हैंड पंप
लोहा, स्टील, लोहे की मिश्रधातुएं
तांबे के बर्तन
झाड़ू

ज़ीरो फ़ीसदी (जिन पर नहीं लगेगा टैक्स)
ताज़ा दूध
अनाज
ताज़ा फल
नमक
चावल, पापड़, रोटी
जानवरों का चारा
कंडोम
गर्भनिरोधक दवाएं
किताबें
जलावन की लकड़ी
चूड़ियां (ग़ैर कीमती)