ट्विटर पर पहली बार ट्रोल हो रहे हैं मोदी, भक्तों ने किए हमले

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नई दिल्ली: कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्ता न की ओर से संघर्ष-विराम उल्लं घन में सोमवार (1 मई) को दो भारतीय जवान शहीद हो गए. दोपहर में सेना ने जानकारी दी कि पाकिस्ता नी सेना ने भारतीय सैनिकों के शवों को क्षत-विक्षत कर दिया. सेना ने कड़ी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए पाकिस्ताैन की इस हरकत को ‘कायराना’ करार दिया है. जब यह खबर सामने आई तो सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सान फूट पड़ा.
निशाने पर हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जिन्होंरने 2014 में सत्ताई हासिल करने से पहले देश की जनता से वादा किया था कि ‘1 जवान के सिर के बदले 10 सिर काटकर लाएंगे.’ 2013 में जब तत्का लीन मनमोहन सरकार के कार्यकाल में पाकिस्ताकनी सेना की ओर से ऐसा ही व्यावहार भारतीय सैनिकों के साथ किया गया था, तब मोदी ने ट्वीट कर कहा था, ”केंद्र पाकिस्ताान के अमानवीय कृत्यों का करारा जवाब दे पाने में नाकाम है.
हमारे सैनिकों के सिर काटना और अब सरबजीत की मौत हालिया उदाहरण हैं.” सोमवार को सैनिकों के साथ बर्बरता की खबर आने के बाद अचानक पीएम नरेंद्र मोदी के इस ट्वीट को लोग शेयर कर उनसे सवाल पूछ रहे हैं.
लोगों ने लिखा है, ”आतंकी सेना और सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहे है ,शहीदों का अपमान पाक सेना लगातार कर रही है मोदी सरकार “कडी निंदा” से आगे बढ नहीं पा रही है.” पीएन झा ने कहा, ”सेना को यदि अपने काम की आजादी नही दी गयी तो किसी सरकार में क्या अंतर है .


मोदी सरकार देश द्रोही से लड़ने में अंदर बाहर दोनों जगह कमजोर है.” घनश्याअम ने लिखा, ”मोदी जी को अब पाकिस्तान को ईंट का जवाब पत्थर से देना चाहिए,सेना हमारे लिए सबसे सर्वोपरि है.” शशि भूषण ने ट्वीट किया, ”मोदी सर क्या मजबूरी है की आप सेना पर हमला सह रहे है.क्या आपका ध्यान 2019 के चुनाव पर है? विनम्र निवेदन है सेना को खुली छूट दे.”
बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा – जेटली
भारतीय सेना के दो जवानों के शवों के साथ पाकिस्ताानी सेना द्वारा किए गए बर्बरतापूर्ण व्यावहार पर केंद्र सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. रक्षा मंत्री का अतिरिक्त कार्यभार देख रहे अरुण जेटली ने कहा है कि जवानों का बलिदान व्य्र्थ नहीं जाएगा. उन्होंिने एएनआई से बातचीत में कहा, ”पुंछ के कृष्णा घाटी सेक्टार में हमारे दो जवान मार दिए गए और उनके शवों को हमारे पड़ोसियों ने क्षत-विक्षत कर दिया. यह निंदनीय और अमानवीय कार्रवाई है. ऐसे हमले युद्ध के दौरान नहीं होते, शांति की तो बात छोड़ दीजिए. सैनिकों के शव को क्षत-विक्षत करना बर्बरता की पराकाष्ठान है. भारत सरकार इसकी कड़ी निंदा करती है.” जेटली ने कहा कि देश को सैन्यर बलों पर पूरा भरोसा है. उन्होंरने कहा, ”देश को सैन्यै ताकतों पर पूरा विश्वा स और भरोसा है, जो उचित तरीके से कार्रवाई करेंगे. इन दो जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा.”