आम आदमी पार्टी में बयानबाज़ों के पर कतरे, अल्का, सोमनाथ, भावना का कद छोटा घटा

आम आदमी पार्टी में बयानबाज़ों के पर कतरे, अल्का, सोमनाथ, भावना का कद छोटा घटा




नई दिल्ली : चुनाव से ठीक पहले पार्टी के खिलाफ बयानबाज़ी करने और उसके बाद पार्टी की अंदरूनी कलह में सरेआम शामिल होने वाले आप के विधायकों का साइज़ पार्टी ने थोड़ा छोटा कर दिया है. पार्टी में कुमार विश्वास ने पहले वीडियो रिलीज की उसके बाद केजरीवाल के खिलाफ इंटरव्यू में बयान दिए . इतना ही नहीं मोदी का विरोध करने के लिए केजरीवाल की निंद भी की.

इस बयानबाज़ी के बाद जब विधायक अमानतुल्ला ने बयान दिया तो कई विधायकों ने सरे आम बयानबाज़ी शुरू कर दी. इससे जनता में खेमेबंदी का संदेश गया. अब ऐसे बयान देने वाले विधायकों के पर कतरने का काम शुरू हो गया है. ऐसे विधायकों को दिल्ली विधानसभा की महत्वपूर्ण कमेटियों से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है.

5 मई को विधानसभा ने अलग-अलग कमेटियों के सदस्य और चेयरमैन के नाम की घोषणा की है. जिसमें कुमार विश्वास के खेमे में दिखाई देने वाली भावना गौड़, सोमनाथ भारती और अलका लांबा जैसे विधायकों का कद घटा दिया गया है.

कैलाश गहलोत को सोमनाथ की जगह
विधानसभा द्वारा तैयार किए गए दस्तावेजों के अनुसार विधानसभा ने नियम कमेटी से अलका लाबा, भावना गौड़, सोमनाथ भारती को हटा दिया है. साथ ही प्रीवलेज कमेटी के चेयरमैन रहे सोमनाथ भारती को भी यहां से हटा दिया है. सोमनाथ की जगह कैलाश गहलोत को इस कमेटी का चेयरमैन नियुक्त किए जाने की तैयारी है. इसके साथ ही निजी सदस्य बिल एवं प्रस्ताव कमेटी से विधानसभा ने सोमनाथ भारती को बाहर कर दिया है.

खास बात यह है कि अमानतुल्ला इस कमेटी में पहले की तरह सदस्य बने रहेंगे. वहीं जनरल परपज़ कमेटी से भी भावना गौड़ को बाहर कर दिया गया है. इसके साथ ही भावना गौड़ को प्रश्न एवं तदर्थ कमेटी, सरकारी आश्वासन कमेटी से भी हटा दिया गया है.

कुमार विश्वास का समर्थन करने वाले विधायक अलका लांबा, सोमनाथ भारती, भावना गौड़, आदर्श शास्त्री को सबसे कम महत्व वाली लाइब्रेरी कमेटी में सदस्य बनाया गया है. जबकि कुमार विश्वास के खिलाफ बयान देने वाले अमानतुल्ला खान को 6 कमेटी में सदस्य तो एक कमेटी का चैयरमेन नियुक्त किया गया है.

आपको बता दें कि कमेटियों की लिस्ट 4 मई को तैयार की गई है. इन कमेटियों को एक साल के लिए बनाया जाता है. दिल्ली विधानसभा में 21 कमेटियां बनाई जाती हैं. सभी के गठन का कार्य पूरा हो चुका है. इसमें 3 कमेटियों के लिए विधायक चुनाव करते हैं. जबकि 18 कमेटियां में नाम दिल्ली विधानसभा तय करती है.