ABVP ने लिखे ISIS समर्थक नारे ? वामपंथियों ने कहा ये गिरावट की नयी हद

ABVP ने लिखे ISIS समर्थक नारे ? वामपंथियों ने कहा ये गिरावट की नयी हद

नई दिल्ली :  दिल्ली विश्वविद्यालय में अंग्रेजी के प्राध्यापक जीएन साईबाबा की गिरफ्तारी और उनके नक्सलवादियों से समर्थन की रिपोर्ट्स के बाद से ही सुरक्षा एजेंसियों की नजर इस विश्वविद्यालय पर है. खुफिया एजेंसियों से जुड़े दो अधिकारी रोज यहां पर होने वाली गतिविधियों, धरना प्रदर्शन के अलावा आपत्तिजनक स्थिति की रिपोर्ट उच्च अधिकारी को देते हैं. संवेदनशील होने के कारण दिल्ली पुलिस के अधिकारियों की भी यहां विशेष नजर होती है. इसके बावजूद डीयू में जो कांड हुआ है वो हिला देने वाला है. यहां आईसिसि यानी ISIS के समर्थन में नारे लिखे  मिले हैं.

ये नारे कही और से नहीं बल्कि प्रतिष्ठित दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनामिक्स परिसर में दीवार पर लिखे मिले हैं. यहां आतंकी संगठन स्लामिक स्टेट (आइएस) के समर्थन में दीवार पर नारा लिखे जाने से परिसर में हड़कंप मचा हुआ है. शिक्षकों और छात्र संगठनों ने जांच की मांग की है. छात्र संघ अध्यक्ष अंकित सांगवान ने पुलिस को लिखित में शिकायत दी है. वहीं पुलिस एवं सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह किसी की शरारत हो सकती है, इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता.

छात्र संघ अध्यक्ष अंकित के अनुसार, दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनामिक्स में दीवार पर ‘आइ एम साइन आइएसआइएस’ जिसका अर्थ है कि ‘मैं आइएसआइएस संगठन का समर्थन करता हूं’ लिखा है. दीवार पर एक आकृति भी बनी है वहीं जस्टिस फार नक्सल व कुछ अन्य भाषा में भी लिखा गया है. यह बहुत ही चिंता की बात है मामले की विधिवत जांच होनी चाहिए.

एबीवीपी के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक साकेत बहुगुणा ने कहा है कि दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनामिक्स मार्क्सवादियों का अड्डा माना जाता है. यदि दीवार पर सरेआम आइएस के समर्थन की बात लिखी जा रही है तो निश्चित रूप से यह किसी बड़े खतरे का संकेत हो सकता है. ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन के डीयू सचिव अमन नवाज ने एबीवीपी पर शरारत का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि कम्युनिष्ट हमेशा आतंकवाद से लड़ते रहे हैं. कश्मीर में भी वो लड़ रहे हैं और जान दे रहे हैं. पूरी दुनिया की धार्मिक राजनीति करने वाली ताकतें उनसे चिड़ती है चाहे लो आइसिस हो या एबीवीपी. कम्युनिष्टो को बदनाम करने के लिए हो न हो एबीवीपी इतना गिर गई है और उसने आइसिसि के समर्थन में नारे लिखने से भी परहेज नहीं किया.