बचपन में शादी, तलाक, रिजेक्शन पे रिजेक्शन, ये हीरोईन नहीं इस लेडी पुलिस ऑफिसर की कहानी है

नई दिल्ली:  मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के छोटे से इलाके कोतमा की रहने वाली अनीता प्रभा ने 25 साल की उम्र में वो कर दिखाया, जिसकी कल्पना हर छात्र अपने जीवन में करता है. इतनी कम उम्र में अनीता ने अपने जीवन में काफी कठिनाइयों का सामना किया है. अनीता बचपन से ही पढ़ाई में होनहार रहीं हैं.

अनीता ने 10वीं में 92 प्रतिशत अंक हासिल किए थे. वह आगे पढ़ना चाहती थीं, लेकिन उनके परिवार में लड़कियों को ज्यादा पढ़ाए-लिखाए जाने का चलन नहीं था. जैसे-तैसे कर अपनी जिद की आड़ लेते हुए अनीता ग्वालियर में अपने भाई के घर रहने लगी और वहीं से 12वीं की परीक्षा पास की.

12वीं पास करते ही साल 2009 में माता-पिता के दबाव में आकर महज 17 साल की उम्र में उनकी शादी कर दी गई. यहीं से अनीता के जीवन की परीक्षा शुरू हो गई. अनीता के पति उनसे उम्र में 10 साल बड़े थे. अनीता की पढ़ने की जिद के आगे ससुराल वाले भी झुकने को मजबूर हो गए.

 

पति के एक्सीडेंट की वजह से नहीं दे पाईं एग्जाम

ससुराल वालों ने ग्रेजुएशन करने की अनुमति दे दी. मगर अनीता की किस्मत देखिए, ग्रेजुएशन के फाइनल ईयर में पति के एक्सीडेंट के कारण वह एग्जाम नहीं दे सकीं. अगले साल उन्होंने फिर ग्रेजुएशन फाइनल ईयर की परीक्षा दी और वह पास हो गई. लेकिन तीन साल में ग्रेजुएशन पूरी ना करने के कारण उन्हें प्रोबेशनरी बैंक ऑफिसर पोस्ट के लिए रिजेक्ट कर दिया गया. वहीं अनीता ने परिवार की आर्थिक मदद के लिए ब्यूटीशियन का कोर्स किया और पार्लर में काम करना शुरू किया.

14 किलोमीटर पैदल चलकर पूरी की परीक्षा

इसी बीच उनकी पति के साथ आए दिन अनबन होने लगी. कैरियर को लेकर महत्वाकांक्षी अनीता और उनके पति के बीच बात अब बिगड़ने लगी थी. अनीता ने साल 2013 में व्यापम की फॉरेस्ट गार्ड की परीक्षा दी. चार घंटे में 14 किलोमीटर पैदल चलकर परीक्षा पूरी की. दिसंबर 2013 में उन्हें बालाघाट जिले में पोस्टिंग मिली. इसके बाद अनीता व्यापम की सब-इंस्पेक्टर पोस्ट की परीक्षा में शामिल हुईं, मगर वह इसके फिजिकल टेस्ट में फेल हो गई. अनीता ने हार नहीं मानी.

दूसरी बार पास किया फिजिकल टेस्ट

दूसरी बार फिर प्रयास किया और अपनी कमजोरी को मजबूत करते हुए फिजिकल टेस्ट पास कर सब-इंस्पेक्टर पद हासिल कर लिया. बताते चलें कि इससे दो महीने पहले ही ओवरी में ट्यूमर के कारण अनीता ने सर्जरी करवाई थी. लेकिन कुछ कर दिखाने की जिद उनकी बीमारी के आगे बेहद फीकी थी. अनीता ने बतौर सूबेदार जिला रिजर्व पुलिस लाइन में जॉइन किया. उन्हें ट्रेनिंग के लिए सागर भेजा गया. इस दौरान पति के साथ डिवोर्स का केस कोर्ट पहुंच गया.

डीएसपी पद से भी नहीं हैं संतुष्ट

अनीता ने मध्य प्रदेश स्टेट पब्लिक सर्विस कमीशन परीक्षा भी दी थी. उनकी ट्रेनिंग के दौरान ही एमपीपीएससी परीक्षा का रिजल्ट आ गया. उन्होंने परीक्षा पास कर ली थी. पहले ही प्रयास में महिला कैटेगरी में वह 17वें स्थान पर आईं और सभी कैटेगरी में वह 47वें नंबर पर रहीं. अनीता डीएसपी रैंक के लिए चयनित हो गईं. हालांकि, वह डीएसपी पोस्ट से भी संतुष्ट नहीं थीं और ऊंची पोस्ट डिप्टी कलेक्टर के लिए एमपीपीएससी एग्जाम की तैयारी करने लगीं. अप्रैल 2016 में उन्होंने यह परीक्षा भी पास कर ली और इसी साल मार्च में उनका इंटरव्यू हुआ है. अनीता रिजल्ट का इंतजार कर रही हैं. साथ ही वो डीएसपी जॉइनिंग ऑर्डर मिलने का भी इंतजार कर रही हैं. COURTSEY-AAJTAK.COM

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