बीजेपी ने पहली बार किया कोई ठोस काम, साढ़े 92 फीसदी किसानों के कर्जे माफ

बीजेपी ने पहली बार किया कोई ठोस काम, साढ़े 92 फीसदी किसानों के कर्जे माफ




नई दिल्ली: यूपी की सत्ता संभालने के 16 दिन बाद योगी सरकार की पहली कैबिनेट मीटिंग मंगलवार को हुई. कैबिनेट बैठक करीब डेढ़ घंटे चली. सबकी निगाहें इस बात पर टिकी थीं कि योगी सरकार के पिटारे से क्या निकलता है. यूपी के 92.5 फीसदी यानी 86 लाख लघु और सीमांत किसानों का कर्ज माफ किया गया है. हालांकि प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि इससे 2.15 करोड़ किसानों को लाभ होगा, लेकिन जारी प्रेस नोट में 31 मार्च 2016 तक 86 लाख किसानों को इस कर्ज माफी से होने वाले लाभ के बारे में कहा गया है.

सरकार ने 30729 करोड़ का कर्ज पूरी तरह से माफ किया. इन किसानों पर अधिकतम एक लाख रुपये तक का कर्ज है. 7 लाख किसानों का लोन जो एनपीए बन गया है वो भी माफ किया गया है. इन 7 लाख किसानों पर तकरीबन 5630 करोड़ रुपये का एनपीए था जो माफ किया गया है. सरकार ने कुल मिलाकर 36 हजार 359 करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया है. मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कर्ज माफी का ऐलान किया.

गेंहू खरीदेगी सरकार

इसके अलावा सरकार 80 लाख मीट्रिक गेंहू खरीदेगी. 5000 गेहूं खरीद केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिन्हें मुख्यमंत्री द्वारा मॉनिटर किया जाएगा. समर्थन मूल्य का पैसा सीधा किसानों के खाते में जाएगा. बिचोलिए खत्म होंगे. किसानों को उनके गेहूं के लिए 1625 रूपये प्रति क्विंटल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तो मिलेगा ही, उसके अलावा दस रूपये प्रति क्विंटल के हिसाब से ढुलाई और लदाई का भी दिया जाएगा. सरकार सुनिश्चित करेगी कि सभी खरीद केंद्रों पानी और पर्याप्त छाया की व्यवस्था हो. किसान से उसके आधार कार्ड या अन्य ऐसे ही दस्तावेज के आधार पर सीधी खरीद की जाए. आलू के किसानों को राहत पहुंचाई जाएगी. आलू खरीद के लिए तीन लोगों की कमेटी बनेगी.

कपल्स को नहीं सताएंगे

यूपी सरकार में मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि एंटी रोमियो दस्ता अच्छा काम कर रहा है. अभियान की वाहवाही हुई है. दस्ता थाना स्तर पर बनाया गया है. दस्ता अधिकारियों से ब्रीफिंग लेकर निकलता है दस्ता. उन्होंने कहा कि दस्ते का निर्देश दिए गए हैं कि कपल को परेशान ना किया जाए. कपल को परेशान करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी.

दूसरे राज्यों से सीखेंगे रोज़गार बढ़ाना

श्रीकांत शर्मा ने कहा कि रोजगार के लिए युवाओं को बाहर ना जाना पड़े इसके लिए सरकार काम करेगी. मंत्रियों का एक समूह अलग-अलग राज्यों में जाकर वहां की उद्योग नीतियों को समझेगा. यहां पर सिंगल विंडो नीति का निर्माण होगा. दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में ये मंत्रियों का समूह बनेगा. पूंजी निवेश पर जोर रहेगा. अवैध बूचड़खाने नहीं चलाए जाएंगे. 26 अवैध बूचड़खाने बंद किए गए.