राजस्थान में भी मिली एक UP वाली EVM, कांग्रेस का बटन दबाने पर दे रही थी बीजेपी को वोट

राजस्थान में भी मिली एक UP वाली EVM, कांग्रेस का बटन दबाने पर दे रही थी बीजेपी को वोट




नई दिल्ली:  ईवीएम कोई भी हो. किसी भी राज्य की हो उसका कोई भी बटन दबाएं वोट बीजेपी को ही जाता है. ये चुटकुला अब सही सा लगने लगा है ठीक उस चुटकुले की तरह कि बटन किसी भी चैनल का दबाएं टीवी पर मोदी और योगी ही आता है. अगर EVM यूपी से आई है तो ये खतरा और बढ़ जाता है. एमपी के भिंड के बाद राजस्थान के धौलपुर में हो रहे उपचुनाव के दौरान ईवीएम मशीनों को लेकर एक बार फिर से बवाह उठा, बहुत सारे वोटरों ने शिकायत की वो किसी और पार्टी को वोट दे रहे हैं और वोटर पर्ची किसी और पार्टी की निकल रही है. जांच करने पर इस तरह की 18 ईवीएम मशीनों को सील कर उसकी जगह दूसरी ईवीएम मशीनें लगाई गई हैं.

एक मतदाता राकेश जैन ने जब शिकायत की कि उन्होंने कांग्रेस को वोट डाला, मगर वोटर पर्ची बीजेपी की निकली हैं. तो उसे सलाह दी गई कि सोच ले शिकायत गलत निकली तो उसे 6 महीने जेल जाना पड़ सकता है. जब वो नहीं माना तो रिटर्निंग अधिकारी ने जांच की. जांच में चला कि मशीन गलत वोट डाल रही हैं. रिटर्निंग अधिकारी मनीष फौजदार ने माना कि वीवीपैट मशीन में राकेश जैन का वोट किसी दूसरे को जा रहा था. इसके बाद मतदान दो घंटे तक रुका रहा. धौलपुर राजस्थान में है और यहां भी मध्यप्रदेश की ही तरह बीजेपी की सरकार है.

मतदान के दौरान एक दर्जन से अधिक मतदान केंद्रों पर ईवीएम मशीन चालू नहीं हो सकी. जिससे मतदाताओं को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा. करीब एक घंटे बाद ईवीएम मशीनों को दुरुस्त किया गया. उसके बाद मतदान प्रक्रिया शुरू हुई.

धौलपुर विधानसभा क्षेत्र के बूथों पर सुबह 7 बजे से ही वोट देने के लिए लम्बी-लम्बी कतारें लग गईं. मतदाताओं ने उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला ईवीएम मशीन में बंद करना शुरू कर दिया है. धौलपुर विधानसभा क्षेत्र में हो रहे उप चुनाव में सुरक्षित मतदान कराने के लिए चार अर्धसैनिक बल की टुकड़ी के साथ आरएसी और स्थानीय पुलिस बल की तैनाती की गई है. विधानसभा क्षेत्र में 231 मतदान केंद्र बनाये गए हैं जिनमे से 67 संवेदनशील मतदान केंद्र हैं. पुरुषों के साथ साथ महिलाए भी मतदान प्रक्रिया में बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रही हैं.

कांग्रेस प्रत्याशी बनवारी लाल शर्मा ने बताया कि मेरे कार्यकर्ताओं ने मुझे जानकारी दी थी कि बहुत सी ईवीएम मशीनें मतदान के दौरान चालू नहीं हो सकी, जिसकी मैंने शिकायत रिटर्निग अधिकारी, निर्वाचन विभाग के साथ साथ अन्य अधिकारियों से की थी लेकिन ईवीएम मशीने करीब डेढ़ घंटे बाद चालू हुई, जिससे मतदाताओं में ख़ासा रोष हैं. इसका नतीजा ये हुआ कि सुबह जल्दी वोट डालने आए वोटर वापस लौट गए. कांग्रेस का आरोप है कि ये उसके वोटरों को लौटाने की एक चाल थी.