ज्यादा शारीरिक रिश्ते बनाने से हो सकती है किडनी खराब, हनीमून से होता है सबसे ज्यादा खतरा

ज्यादा शारीरिक रिश्ते बनाने से हो सकती है किडनी खराब, हनीमून से होता है सबसे ज्यादा खतरा




नई दिल्ली: पायल (बदला हुआ नाम) अपनी शादी के एक ही महीने बाद ही बीमार हो गईं. जांच में पता चला कि उनकी किडनी में इन्फेक्शन है. डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें हनीमून सिस्टाइटिस हो गया है. शादी के एक महीने के अंदर अगर यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (यूटीआई) हो जाए और इसका वक्त पर इलाज न हो तो यह किडनी डैमेज कर सकता है.

गंगाराम अस्पताल के यूरॉलजिस्ट ऐंड रोबॉटिक सर्जन डॉक्टर विपिन त्यागी ने बताया कि शादी के बाद बार-बार सेक्सुअल रिलेशन बनाने की वजह से अधिक संख्या में बैक्टीरिया ब्लैडर में पहुंच जाते हैं. इसकी वजह से इस पेशंट को हनीमून सिस्टाइटिस (बार-बार यौन संबंध बनाने से होने वाला इन्फेक्शन) हो गया. यह इन्फेक्शन किडनी तक पहुंच गया और किडनी फेल होने की नौबत आ गई. केवल 24 साल की उम्र में किडनी खराब होने की बात सुनकर पूरा परिवार परेशान हो गया.

डॉ. त्यागी ने बताया कि हर महीने ऐसी 10 से 12 महिलाएं इलाज के लिए आती हैं. उनमें यूटीई इन्फेक्शन तेजी से फैलने की वजह हनीमून सिस्टाइटिस होता है. ऐसे दो से तीन पर्सेंट मरीजों में किडनी फेल होने तक मामला पुहंच जाता है. उन्होंने कहा कि पायल के डायग्नोसिस के बाद पता चला कि किडनी फेल होना अभी शुरू हुआ है. किडनी पर 30 प्रतिशत तक असर हो चुका था और पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रही थी. बॉडी में वेस्ट पदार्थ बढ़ता जा रहा था. ब्लड में केमिकल का बैलेंस खराब हो रहा था.

डॉ. त्यागी ने कहा कि जब पायल से बात की तो पता चला कि उनकी किडनी तो ठीक थी, लेकिन पहले से ही यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन की समस्या थी. इसे उन्होंने सीरियसली नहीं लिया. यूटीआई, यूरिन नली, ब्लैडर, यूरेटर्स और किडनी का इन्फेक्शन है. यूरिनरी ट्रैक्ट का इन्फेक्शन का खतरा महिलाओं में पुरूषों से अधिक होती है. महिलाओं में यूरेथ्रा स्टूल पैसेज से काफी करीब होता है. इससे स्टूल पैसेज के बैक्टीरिया के यूरेथ्रा तक पहुंचने का खतरा रहता है. इस केस में शादी के बाद बार-बार यौन संबंध बनाने के कारण अधिक संख्या में बैक्टीरिया ब्लैडर में चले गए. इन्फेक्शन फैलते-फैलते किडनी तक पहुंच गया और किडनी फेल होने की प्रक्रिया शुरू हो गई. जो महिलाएं सेक्सुअली ऐक्टिव होती हैं, उनमें यूटीआई होना अबनॉर्मल नहीं है. अगर यूटीआई हो जाए तो लक्षणों को हल्के में नहीं लें और सही इलाज कराएं. courtsay- Nav bharat times