लालू के पास है बीजेपी की हार का ये पुख्ता फॉर्मूला

लालू के पास है बीजेपी की हार का ये पुख्ता फॉर्मूला




 

नई दिल्ली: आरजेडी के मुखिया लालू ने आज बातों बातो में संकेत दिया कि मुलायम सिंह यादव चुक गए हैं लेकिन फिर भी उनकी हैसियत कायम है. लालू ने कहा कि मुलायम से अब फोन पर बात करना मुश्किल है. जब उनसे रांची की बात करते हैं तो वह करांची समझ लेते हैं. हालांकि उन्होंने कहा कि लेकिन वह मुलायम के पूरी तरह टच में हैं. लालू ने कहा कि प्रियंका गांधी को प्रचार करने में देरी से लाना बड़ी भूल थी. जब लालू से पूछा गया कि क्या 2019 में नीतीश कुमार पीएम कैंडिडेट होंगे तो लालू ने कहा कि हम सब साथ हैं, नीतीश जी अकेले नहीं हैं. अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता है.

आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने 2019 लोकसभा चुनाव में बीजेपी को सत्ता से दूर रखने के लिए एक फॉर्म्युला दिया है. उन्होंने कहा कि यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल और पंजाब के दल साथ आ जाएं तो बीजेपी सत्ता हासिल नहीं कर सकती है. ईटी को दिए इंटरव्यू में जब उनसे बिहार महागठबंधन में मतभेदों की खबरों के बारे में पूछा गया तो लालू ने इन खबरों को पूरी तरह निराधार बताया. उन्होंने कहा कि बिहार में महागठबंधन के गठन से पहले कई मतभेद थे, लेकिन साम्प्रदायिक ताकतों को सत्ता से दूर रखने के लिए सब लोगों ने एक साथ आने का फैसला लिया.

ये प्रदेश मिलें तो BJP की हार तय

लालू ने आने वाले आम चुनाव में बीजेपी की हार का फॉर्म्युला भी सामने रखा. उन्होंने कहा कि यदि पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश और पंजाब, यानी पूर्व से पश्चिम तक विपक्षी दल बीजेपी के खिलाफ लामबंद हो जाएं तो 2019 में बीजेपी को सत्ता के करीब जाने से रोका जा सकता है. लालू ने कहा कि बीजेपी वाले पाकिस्तान, कब्रिस्तान और श्मशान की बात करते हैं, लेकिन इससे गरीब आदमी का पेट नहीं भरने वाला है. लालू ने कहा, ‘हमारे अलग होने का फायदा बीजेपी उठा रही है.’

यूपी में गैर बीजेपी पार्टियों पर बात करते हुए लालू ने बताया कि सब लोग समाजवादी पार्टी के खिलाफ लामबंद हो गए. नीतीश कुमार अपना दल के कृष्णा पटेल गुट के साथ बातचीत कर रहे थे. आखिर में नीतीश ने किसी पार्टी का समर्थन नहीं किया. हां, मैं सहमत हूं कि उत्तर प्रदेश में एक गलती दोहराई गई. लोगों को यूपी में विभाजन की वजह से होने वाले नुकसान का एहसास नहीं है. 2014 में भी कई सीट ऐसी थी, जहां हमें 3 लाख या फिर इससे ज्यादा वोट मिले फिर भी हार गए क्योंकि हम लोग संगठित नहीं थे. इसके बाद हमने मिलकर गठबंधन का फैसला लिया और बिहार में बीजेपी को सत्ता से दूर कर दिया.

एसपी की हार का कारण सिर्फ पारिवारिक कलह नहीं

यूपी में एसपी-कांग्रेस गठबंधन की करारी हार पर बात करते हुए लालू ने कहा कि एसपी की हार का एकमात्र कारण परिवार की कलह नहीं है, बल्कि कई और कारण भी हैं. आरजेडी प्रमुख ने कहा कि उन्होंने काफी देर से काम शुरू किया. उम्मीदवारों के चुनाव में देरी हुई. ‘ये चाचा का कैंडिडेट है और वो काका का कैंडिडेट’ इस सब में काफी देर हो गई. इसके बाद संघ ने यादव और गैर-यादवों को विभाजित करने के लिए कई हथकंडे अपनाए. उन्होंने ओबीसी (केशव प्रसाद मौर्य) चेहरे को आगे कर ओबीसी वोट हासिल किया और बाद में लोगों को बेवकूफ बनाया.

बीजेपी ने बीएसपी के कई गैर-जाटव नेताओं को लालच देकर अपनी पार्टी में लिया और उनके सपोर्ट को अपने पक्ष में इस्तेमाल किया. अगर यूपी के नतीजों को देखें तो माया और मुलायम का वोट शेयर करीब 45% है, लेकिन सब बेकार हो गया. बीजेपी को इस विभाजन का पूरा फायदा मिल गया.

एसपी को बनाना चाहते थे महागठबंधन का हिस्सा

लालू ने बताया कि वह और नीतीश कुमार एसपी को महागठबंधन का हिस्सा बनाना चाहते थे, लेकिन एसपी के एक सीनियर नेता ने ऐसा नहीं होने दिया. लालू ने कहा, ‘हम यूपी में भी महागठबंधन कराना चाहते थे, लेकिन माया और मुलायम के पहले के मतभेदों की वजह से यह संभव नहीं हो पाया.’ इसके बाद एसपी और कांग्रेस का गठबंधन हो गया. लालू ने भी उनके लिए प्रचार किया और करीब 40 रैली की, लेकिन प्रचार देर से शुरू होने की वजह से एसपी को जीत नहीं मिली.

सोनिया करें बातचीत की शुरुआत

देश भर में महागठबंधन पर बात करते हुए लालू ने कहा, ‘अब हमें उनका गेम प्लान समझ आ गया है. सोनिया गांधी ने फोन कर के मुझे बुलाया. मैंने उनसे कहा कि ऑल इंडिया पार्टी होने के नाते उन्हें पहल करनी चाहिए. मैंने ममता बनर्जी की तरह ही उन्हें भी हमेशा सपॉर्ट किया है. अब सभी पार्टियों बीजेपी की रणनीति को समझ रही हैं. ‘ लालू ने कहा कि उन्होंने मायावती से विपक्ष के साथ मतभेदों को दूर करने के लिए कहा है. अगर वोट विभाजित होता है तो पूरा उत्तर भारत कन्सॉलिडेट हो जाएगा और तमिलनाडु में बीजेपी एक गुट को पकड़कर संघर्ष पैदा करने का प्रयास कर रही है.

लालू ने कहा, ‘महाराष्ट्र में, पहले ही बीजेपी और शिवसेना के बीच लड़ाई चल रही है, जिससे हमें फायदा होगा. इसके अलावा मोदी सरकार की ढुलमुल नीतियां, माओवाद की समस्या, जम्मू-कश्मीर पूरी तरह नियंत्रण से बाहर है’. जब लालू से बिहार में गठबंधन में मतभेद के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘सुशील मोदी बोलते रहते हैं. हम उनकी रणनीति समझते हैं. यह सब करने में आरएसएस को महारत हासिल है. हम लोग बेवकूफ नहीं हैं. हम लोग पहले से ज्यादा करीब हैं. मतभेदों की सभी खबरें पूरी तरह झूठ हैं. हम जिस डाल पर बैठे हैं, उसे नहीं काटेंगे.’

गोलवलकर की नीतियों पर काम कर रही है बीजेपी

जब लालू से पूछा गया कि क्या बीजेपी भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की कोशिश कर रही है. इस पर लालू ने कहा, ‘काहे का हिंदू राष्ट्र? लेकिन अगर उन्हें नहीं रोका गया तो वे संविधान को भी बदल देंगे. वे एमएस गोलवलकर (आरएसएस के द्वितीय सर संघचालक) की नीतियों पर काम करने की तैयारी कर रहे हैं. वे आंबेडकर और उनकी नीतियों में नहीं बल्कि हिंदुत्व और कट्टरपन में भरोसा रखते हैं. क्यों बना रहे हैं हिंदू राष्ट्र? वे सिर्फ वोट हासिल करने के लिए हिंदू की भावनाओं का फायदा उठा रहे हैं.’

शराबबंदी से समस्याओं में कमी

बिहार में शराबबंदी पर लालू ने कहा कि इसकी वजह से राज्य के राजस्व को नुकसान हुआ है, लेकिन इसका सामाजिक प्रभाव जबरदस्त है. शराब पीने से होने वाली समस्याओं में कमी आई है.

युवाओं का है जमाना

जब लालू से राबड़ी देवी के उस बयान के बारे में पूछा गया, जिसमें राबड़ी ने डेप्युटी सीएम तेजस्वी यादव को सीएम बनते देखने की इच्छा जताई थी तो लालू ने कहा, ‘आने वाला समय युवाओं का है. हमारे पास समय सीमा है, चाहे मैं हूं या नीतीश जी. जब इसे लेकर समय और परिस्थिति आएगी तो देखा जाएगा. फिलहाल अच्छे अधिकारियों के साथ हमारे बच्चे सीखने की कोशिश कर रहे हैं. लोगों को इस बात की जलन है कि हमारे परिवार के पांच सदस्य राजनीति में सेट हो गए हैं.’

प्रियंका को न लाना बड़ी भूल

लालू ने बताया कि मुलायम से फोन पर बात करना मुश्किल है. जब उनसे रांची की बात करते हैं तो वह करांची समझ लेते हैं. लेकिन वह मुलायम के पूरी तरह टच में हैं. लालू ने कहा कि प्रियंका गांधी को प्रचार करने में देरी से लाना बड़ी भूल थी. जब लालू से पूछा गया कि क्या 2019 में नीतीश कुमार पीएम कैंडिडेट होंगे तो लालू ने कहा कि हम सब साथ हैं, नीतीश जी अकेले नहीं हैं. अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता है.