योगी जी! ऐसे बनेगा दंगामुक्त प्रदेश? अफसर कभी किसी जात और कभी किसी धर्म के ही गुलाम रहेंगे?

योगी जी! ऐसे बनेगा दंगामुक्त प्रदेश? अफसर कभी किसी जात और कभी किसी धर्म के ही गुलाम रहेंगे?

नई दिल्ली: एक तरफ योगी आदित्यनाथ जनहितकारी काम कर रहे हैं. किसानों और गरीबों को राहत की योजनाएं बना रहे हैं और दंगा मुक्त प्रदेश बनाने की बात कर रहे हैं. लेकिन उनके हिंदू वाहिनी जैसे समर्थक अब भी हिंदू मुसलमान से ऊपर उठने को तैयार नहीं.  देखना ये हैं कि योगी इन पर कैसे लगाम लगाते हैं. बिजनौर के नज़दीक एक गांव में रहने वाले हिंदुओं को ये संगठन भड़का रहा है.

इस संगठन ने नजीबाबाद तहसील के जोगीरामपुरा गांव में रामनवमी के मौके पर शिव मंदिर के ऊपर लाउडस्पीकर फिट किए. जब राम नवमी निकल गई तो भाई लोग लाउड स्पीकर को हटाने को तैयार नहीं हुए. बल्कि इन पर दूसरे धर्म को प्रभावित करने वाली सामग्री भी चलानी शुरू कर दी. दूसरे समुदाय के लोगों ने इस पर आपत्ति जाहिर की तो चौड़े होने लगे. पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और उन्होंने लाउडस्पीकर्स हटा लिए. इसके साथ इस संगठन को मौका मिल गया.

इस ऑफिशल ऐक्शन पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कई जगह घर बेचने के नोटिस बोर्ड लगा दिए.

हिंदू युवा वाहिनी (HYV) के क्षेत्र समन्वयक एनपी सिंह ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब लाउडस्पीकर लगाए गए थे. हम इन्हें बस दोबारा लगा रहे थे. इस पर कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए.

इसी गांव में रहने वाले नरेश सैनी कहते हैं कि 4000 निवासियों के गांव में सिर्फ 500 हिंदू हैं. मंदिर 400 साल पुराना है. 2007 में जब से मंदिर से लाउडस्पीकर हटाए गए थे, हमने इन्हें मंदिर के अंदर लगाना शुरू कर दिया था. दूसरे समुदाय के लोग तो अपने प्रर्थनास्थल पर हर रोज लाउडस्पीकर लगाते हैं.

सैनी ने कहा कि एसपी और बीएसपी सरकारों के समय हमारी आवाज दबाई गई. हम लाउडस्पीकर लगाने के लिए बीजेपी के सत्ता में आने का इंतजार कर रहे थे. हमने HYV से लाउडस्पीकर लगवाने का आग्रह किया था. अगर हम बीजेपी सरकार के रहते हुए भी यह नहीं कर सकते तो फिर इस गांव में रहने का मतलब ही क्या है.

मंदिर समिति के अध्यक्ष दयाराम सैनी ने कहा, अधिकारियों ने हमें बताया है कि हम त्योहारों के दौरान ही लाउडस्पीकरों का उपयोग कर सकते हैं. हमने इसे मना कर दिया है. हम रोज आरती के समय लाउडस्पीकर लगाएंगे. अब सवाल ये है कि रोज़ रोज़ के कानून व्यवस्था के हालात संभालने का काम अफसर भारतीय संविधान के मुताबिक करें या किसी पार्टी के मुताबिक. अफसर क्या गुलाम ही रहेंगे. कानून क्या गुलाम ही रहेगा. कभी किसी जाति का और कभी किसी धर्म का क्योंकि उसकी सरकार आ गई है.