पूरे देश में गौहत्या पर रोक के लिए कानून हो, बाबर ने भी की थी गौरक्षा : आज़म खान

रामपुर: सर संघचालक मोहन भागवत के बयान पर समाजवादी पार्टी के आजम खान ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होने कहा कि पूरे देश में गोहत्या पर रोक का कानून बहुत पहले बन जाना चाहिए था. इस बयान के साथ ही राजस्थान के अलवर में एक बेकसूर की हत्या पर नाराज़गी जताते हुए आजम खान ने शंकराचार्य से मिली गाय लौटा दी है. उन्हें यह गाय करीब डेढ़ साल पहले भेंट में स्वामी अधोक्षानंद महाराज ने दी थी. आजम ने यह कहते हुए गाय वापस कर दी कि कोई स्वयंभू गोरक्षक उनकी हत्या कर सकता है.
इसके बाद मीडिया से बातचीत में आजम ने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों ने आंखें मूंद रखी हैं. गाय एक धर्म की बपौती नहीं है बल्कि बाबर से लेकर बहादुरशाह जफर तक ने इसकी हिफाजत का जिम्मा लिया था. लेकिन आज आधे हिन्दुस्तान में गोवध को रोकने के लिए कोई कानून नहीं है.
आजम ने गाय और बछिया को वाहन से मथुरा भिजवा दिया और उनके साथ उन्होंने पत्र भी भेजा है. इसमें उन्होंने माफी मांगते हुए लिखा है कि राजस्थान के अलवर में हुई घटना से हमारे जैसे कमजोर लोगों के लिए जिंदगी और मौत का सवाल खड़ा हो गया है. ऐसे में यदि गाय और बछिया के साथ अनहोनी होती है, तो मुस्लिम और इंसानियत की दुश्मन ताकतों को बेगुनाहों के कत्लेआम का बहाना मिल जाएगा.
रास्ते में कोई अनहोनी न हो जाए इसके लिए उन्होंने गाय के साथ किसी मुस्लिम को नहीं, बल्कि सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ओमेंद्र सिंह चौहान को मथुरा भेजा है. बांग्लादेश के बार्डर पर हर रोज हजारों गायों की तस्करी होती है. यदि ऐसा होता रहा तो देश की गायों से बांग्लादेश संपन्न राष्ट्र बन जाएगा. बांग्लादेश के मेहमान के लिए खजाना लुटाया जा रहा है और देश का किसान आत्महत्या कर रहा है. संघ चालक मोहन भागवत पूरे देश में गो हत्या पर पाबंदी लगाने की बात पर आजम ने कहा कि यह तो बहुत पहले हो जाना चाहिए था.

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