AAP के दफ्तर पर एलजी ने ‘जड़ा ताला’, यहां पढ़िए बीजेपी और कांग्रेस के दफ्तर की कहानी

नयी दिल्ली : दिल्ली के उप राज्यपाल अनिल बैजल ने सत्तारुढ़ आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यालय का आवंटन यह कहते हुए रद्द कर दिया कि यह नियमों का ‘‘स्पष्ट उल्लंघन’ है क्योंकि राष्ट्रीय राजधानी की जमीन पर केंद्र का अधिकार है.अाम आदमी पार्टी दिल्ली में सत्ता में है पंजाब में प्रमुख विपक्षी पार्टी लेकिन ये अकेली पार्टी बन गई है जिसके पास कोई दफ्तर नहीं है.
आपको याद होगा कि कनॉट प्लेस के नज़दीक दीन दयाल उपाध्याय मार्ग पर बड़ी संख्या में ज़मीनें पार्टी दफ्तर के लिए एलॉट की गई हैं. इनमें बीजेपी का मुख्यालय भी है . बीजेपी मुख्र्यालय के लिए तो स्कूल की ज़मीन दे दी गई है. संघ के सहयोगी संगठनों के दफ्तरों को भी यहां ज़मीन दी गई है. लालू यादव की आरजेडी को भी यहीं ज़मीन मिली है.कांग्रेस के दिल्ली प्रदेश मुख्यालय के लिए भी कौड़ियों के दाम ज़मीन दी गई है. इस पार्टी के पास विधानसभा में एक भी सीट नहीं है.. और तो और बीजेपी और कांग्रेस का वर्तमान दफ्तर जिन बंगलों में चल रहा है वो भी आवासीय बंगले हैं. इन लुटियन ज़ोन के बंगलों में बीजेपी और कांग्रेस ने काफी अवैध निर्माण कर रखा है. लेकिन जब कांग्रेस की सरकार थी तो उसने चुप्पी साधी और अब बीजेपी की सरकार है तो वो चुप है.
उपराज्यपाल कार्यालय से जुड़े सूत्रों ने बताया कि बैजल ने इस मुद्दे पर लोक निर्माण विभाग से राय मांगी थी, जिसने कहा कि ‘‘आवास का आावंटन नियमों का उल्लंघन करके किया गया था।’ सूत्र ने कहा, ‘‘सरकार द्वारा आप को आवास आवंटन नियमों का स्पष्ट उल्लंघन हैं क्योंकि दिल्ली में जमीन पर केंद्र का अधिकार है.
गौरतलब है कि आवास आवंटन उन ‘‘अनियमितताओं’ में से एक है जिसका जिक्र शुंगलु समिति ने अपनी रिपोर्ट में किया है. केजरीवाल ने नांगलोई में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि उनको और उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगियों को सीबीआई के जरिए निशाना बनाया जा रहा है.
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘एलजी और भाजपा ने हमारे पार्टी कार्यालय को ताला लगा दिया है. वे हमारा कार्यालय बंद कराना चाहते हैं. उन्होंने मेरे कार्यालय में सीबीआई के छापे डलवाए. उन्हें पूरे देश मे केवल एक मैं ही भ्रष्ट आदमी मिला, उन्हें वहां कुछ नहीं सिर्फ चार मफलर मिले.’
वहीं उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि उनकी पार्टी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ युद्ध छेड़ा है और यह संघर्ष जारी रहेगा चाहे उनसे सब कुछ छीन लिया जाए.

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