कमल हासन के एक बयान से खतरे में पड़ गई हिंदू धर्म की इज्जत, हिंदूवादी तिलमिलाए

कमल हासन के एक बयान से खतरे में पड़ गई हिंदू धर्म की इज्जत, हिंदूवादी तिलमिलाए




नई दिल्ली: अभिनेता कमल हासन ने कुछ ऐसा बोल दिया है जिसके बाद हिंदूवादी सकते में आ गए हैं. उन्होंने ऐसी हकीकत बयान की है जिसका पद्मिनी के सेट पर तोड़ फोड़ करने वाले भी  जवाब नहीं दे पाएंगे और बुर्के पर नारी समानाधिकार की बहस करने वालों को भी करंट लगेगा. कमल हासन के बयान में इतनी मिर्ची थी कि कई लोग सीधे कोर्ट पीआईएल लगाने पहुंच गए. हासन ने एक बयान में कहा था कि भारतीय एक किताब (महाभारत) को बहुत इज्जत देते हैं, जिसमें यह साफ जाहिर है कि जुए के चक्कर में एक महिला को दांव कर लगा दिया गया था.

12 मार्च को एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में हासन ने यह बयान दिया था, जिसके बाद एक संगठन हिंदू मुनानी काटची ने उनके खिलाफ 15 मार्च को चेन्नै पुलिस कमिश्नर के पास शिकायत दर्ज कराई थी. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार को तिरुनवेल्ली के रहने वाले और हिंदू मुनानी काटची (HMK)के सदस्य आदिनाथ सुंदरम ने महाभारत और उसके मुख्य किरदारों का अपमान करने और हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने को लेकर पीआईएल दाखिल कराई है. इस केस में जल्द ही सुनवाई होगी.

इंटरव्यू के मुताबिक हासन ने कहा था कि महाभारत में पांचाली को कठपुतली की तरह इस्तेमाल किया गया था, जबकि जुआ पुरुष खेल रहे थे. लेकिन भारत वह देश है जहां इस किताब को बहुत इज्जत दी जाती है, जो पुरुषों के इर्द-गिर्द घूमती है और एक महिला को दांव पर लगा दिया जाता है, जैसे वह कोई वस्तु हो.

एचएमके के अध्यक्ष अर्जुन संपत ने एचटी को बताया कि कमल हासन लगातार हिंदू विरोधी बयान देते रहे हैं और पिछले कुछ दिनों में इसमें इजाफा देखने को मिला है. उन्होंने बेवजह ही महाभारत की आलोचना की है, जिसे रामायण के बाद हिंदुओं की भावनाएं जुड़ी हैं. क्या वह इतनी शर्मनाक टिप्पणी इस्लाम, कुरान, ईसाई धर्म या बाइबिल पर कर सकते हैं.

उन्होंने कहा कि अगर कमल हासन ने माफी नहीं मांगी और अपने शब्द वापस नहीं लिए तो उनके खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया जाएगा. असल में वह एक बड़े अपराधी हैं और हम यह मांग करेंगे कि उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए.

एचएमके के अध्यक्ष ने कहा कि हासन जन्म से ब्राह्मण जरूर हैं, लेकिन वह ब्राह्मण विरोधी, हिंदू विरोधी हैं और वह उस हर चीज के विरोधी हैं जो तमिलनाडु और भारत के लिए अच्छी हैं. उन्होंने कहा कि विश्वरूपम विवाद के वक्त हासल ने मुस्लिम संगठनों के सामने हथियार डाल दिए थे, लेकिन जब बात हमारी आई तो उन्होंने रंग ही बदल लिया.