बनारस में बीजेपी की राह है बहुत मुश्किल, मोदी से ज्यादा बनारस को जानने वाले नेता का दावा

बनारस में बीजेपी की राह है बहुत मुश्किल, मोदी से ज्यादा बनारस को जानने वाले नेता का दावा




नई दिल्ली : धीरे धीरे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बनारस में खूंटा गाड़कर बैठ जाने की वजहें सामने आनी शुरू हो गई हैं. बनारस जीतना बीजेपी के लिए बहुत मुश्किल है. दक्षिण वाराणसी सीट से लगातार सात बार विधायक रहे बीजेपी नेता श्यामदेव राय चौधरी का दावा है कि वाराणसी की 8 सीटों पर बीजेपी की हालत ठीक नहीं है और हर सीट पर उसे समाजवादी पार्टी- कांग्रेस गठबंधन और बीएसपी से कड़ी टक्कर मिल रही है.

श्यामदेव राय चौधरी वो ही नेता हैं जिन्हें रोड शो के बीच मोदी हाथ पकड़कर अपने साथ काशी विश्वनाथ मंदिर ले गए . वो 7 बार विधायक रहे हैं इसके बाद भी इसबार उनका टिकट अमित शाह ने काट दिया था. पूरे यूपी में इसी तरह बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं को किनारे किया गया. बीजेपी के नुकसान का अनुमान लगाते वक्त लोग इस पहलू को भूल रहे हैं.

श्यामदेव राय चौधरी जिनको लोग प्यार से ‘दादा’ के नाम से बुलाते हैं, इस बार दक्षिण वाराणसी सीट से बीजेपी ने इस बार उन्हें टिकट नहीं दिया और उनकी जगह पर अपना चुनावी डेब्यू कर रहे नीलकंठ तिवारी को अपना उम्मीदवार बनाया है. टिकट नहीं मिलने से नाराज श्यामदेव राय चौधरी ने कहा है कि वह दक्षिणी वाराणसी सीट से केवल बीजेपी के लिए प्रचार-प्रसार करेंगे ना कि उम्मीदवार नीलकंठ तिवारी के लिए.

चौधरी का मानते हैं कि वह इस बार चुनाव लड़ना चाहते थे और अगर उन्हें पार्टी टिकट देती तो यह उनका अंतिम चुनाव होता. अपना टिकट कटने से चौधरी को काफी निराशा हुई है. बीजेपी को भी इस बात का एहसास है इसीलिए राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भी पहले चौधरी को लखनऊ बुलाकर उन्हें पार्टी में कोई उच्च पद देने का आश्वासन दिया था. चौधरी के अनुसार अमित शाह ने भी माना था कि उनका टिकट काटकर पार्टी ने बहुत बड़ी गलती की है.

शायद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इस गलती का अहसास था इसीलिए शनिवार को जब रोड शो के दौरान वह काशी विश्वनाथ मंदिर गए तो वहां मौजूद श्यामदेव राय चौधरी को अपने साथ मंदिर के अंदर हाथ पकड़कर ले गए थे.

चौधरी ने माना कि प्रधानमंत्री मोदी के इस कदम के बाद उनकी नाराजगी कुछ हद तक कम हो गई है.