McD से चोरी हो गया 22000 इडियन्स का सीक्रेट डेटा, खतरे में हो सकते हैं आपके अकाउंट

McD से चोरी हो गया 22000 इडियन्स का सीक्रेट डेटा, खतरे में हो सकते हैं आपके अकाउंट




नई दिल्ली:  आप ने सोचा भी नहीं होगा कि बर्गर ऑर्डर कर ने के लिए दी गई आपकी जानकारी दुनिया डेटा थैफ्ट का हिस्सा बन सकती है . हमारे देश में वैसे भी मैक्डी से सामान ऑर्डर करने वालों की कमी नहीं. शहरों में रहने वाला हर शख्स कम से कम एक बार mcD गया है. लेकिन अब इन लोगों की प्राइवेट और पर्सनल जानकारी हैकर्स के हाथ लग गई है यानी आपकी जानकारी अब गलत लोगों के हाथ में पड़ गई है. साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि हैकर्स इन डेटा का इस्तेमाल ग्राहकों के क्रेडिट/डेबिट कार्ड और ई-वॉलेट जैसी आर्थिक जानकारी जुटाने में कर सकते हैं.

हालांकि कंपनी ने ऐसी किसी भी घटना से इंकार कर दिया है. साथ ही ऐप का नया अपडेट भी जारी कर दिया है. साइबर सिक्योरिटी फर्म Fallible ने कहा कि मैकडोनाल्ड की भारतीय ऐप McDelivery से 22 लाख से ज्यादा ग्राहकों का पर्सनल डेटा लीक हुआ है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, लीक हुए डेटा में ग्राहकों के नाम, फोन नंबर, ई-मेल एड्रेस, घर का पता समेत सोशल प्रोफाइल के लिंक भी शामिल हैं.

जिस ऐप से कथित तौर पर डेटा लीक हुआ है वह दक्षिण और पश्चिम भारत में मैकडोनाल्ड का संचालन करने वाली Westlife Development कंपनी की देखरेख में थी. मैकडोनाल्ड इंडिया (पश्चिम व दक्षिण) के प्रवक्ता ने कहा कि हम अपने ग्राहकों को बताना चाहते है कि कंपनी की वेबसाइट और ऐप यूजर्स के डेबिट/क्रेडिट कार्ड डीटेल, वॉलेट पासवर्ड और बैंक अकाउंट जैसे कोई भी गोपनीय फाइनेंशियल जानकारी अपने पास नहीं रखती है. वेबसाइट और ऐप का इस्तेमाल करना पूरी तरह सुरक्षित है. हम लगातार सुरक्षा लिहाज से ऐप को अपडेट करते रहे हैं.

प्रवक्ता ने कहा कि हम ग्राहकों से अपील करते हैं कि एहतियात के तौर पर अपने फोन में McDelivery ऐप को एक बार फिर अपडेट कर लें. मैकडोनाल्ड इंडिया में हम यूजर्स की निजता और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखते हैं. Fallible ने ये भी दावा किया कि उसने 7 फरवरी को मैकडोनाल्ड से इस बारे में बात करने की कोशिश की थी. 13 फरवरी को कंपनी ने माना भी था लेकिन एक महीने बाद भी कोई एक्शन नहीं हुआ.