पति की जासूसी पुलिस से कराने का गोल्डन आईडिया, महिलाएं खूब कर रही हैं इस्तेमाल

पति की जासूसी पुलिस से कराने का गोल्डन आईडिया, महिलाएं खूब कर रही हैं इस्तेमाल

नई दिल्ली:  आरटीआई का इस्तेमाल सरकारी जानकारियां हासिल करने के लिए तो होता था लेकिन अब इसके इस्तेमाल के नये नये तरीके निकाले जाने लगे हैं. कई महिलाएं अपने पतियों की जासूसी भी  आरटीआई के ज़रिये करने लगी हैं. वो आरटीआई के जरिए सूचनाएं लेकर शादीशुदा जिंदगी की पहेली समझने की कोशिश करती हैं. पुलिस अफसरों ने बताया कि हाईराइज सोसायटी में रहने वाली खाते पीते परिवारों की महिलाएं इस तरह की आरटीआई ज्यादा डाल रहीं हैं.

आंकड़ों पर गौर किया जाए तो गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके की महिलाएं आरटीआई के तहत पतियों के बारे में सूचनाएं मांगने में नंबर 1 हैं. इंदिरापुरम पुलिस के पास हर महीने 10 आरटीआई सिर्फ इसी तरह की आती हैं. आरटीआई ऐक्ट के तहत सूचना देना पुलिस की मजबूरी है.

हालांकि पुलिस को कई बार इस तरह की सूचनाएं जुटाने में परेशान भी होना पड़ता है लेकिन पुलिस सिर्फ उन्हीं सवालों का जवाब देती है, जो उसके दायरे में आते हैं. बाकी को वह दूसरे विभागों के हवाले कर पीछा छुड़ा लेती है. एक सीओ ने बताया कि अधिकतम 7 दिन में जवाब भेज दिया जाता है.

सवाल कुछ ऐसे होते हैं. पति की विदेश यात्रा, सैलरी कितनी है, खर्च कहां करते हैं, दूसरा फ्लैट किसके नाम पर है, दूसरे फ्लैट में क्या किसी दूसरी महिला के नाम पर बने पासपोर्ट का वेरिफिकेशन कराया गया है, क्या दूसरे फ्लैट में रहने वाली महिला उनके साथ विदेश यात्रा पर गई थी़?

वैशाली में रह रही एक महिला ने अपने पति की विदेश यात्रा के बारे में आरटीआई डाली. महिला ने पूछा था कि मेरे पति हर तीसरे महीने विदेश यात्रा पर जाते हैं. आखिर वह किस देश में जाते है, क्यों जाते है? विदेश क्या लेकर जाते हैं, वहां से क्या लेकर आते हैं? महिला ने यह भी पूछा कि पति की अगर विदेश में कोई कंपनी है तो वह किस नाम से है, उसकी देखरेख कौन करता है, उसका सालाना टर्नओवर कितना है.