एक जेल से दूसरी जेल के रास्ते में भी शहाबुद्दीन ने कर दिया एक गुनाह

एक जेल से दूसरी जेल के रास्ते में भी शहाबुद्दीन ने कर दिया एक गुनाह

नई दिल्ली: सीवान जेल से तिहाड़ आते आते रास्ते में भी बिहार के माफिया डॉन शहाबुद्दीन के नाम एक रिकॉर्ड लिख गया. शहाबुद्दीन को बिहार से तिहाड़ पहुंचाने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स बनाया गया था. बिहार मिलिट्री पुलिस के तकरीबन 50 कमांडो ट्रेन में शहाबुद्दीन के सुरक्षा में थे. सुप्रीम कोर्ट जिस तरीके से निर्देश जारी किया था कि शाहबुद्दीन को बिना किसी वीआईपी सुविधा के दिल्ली लाया जाए उसी का पालन करते हुए संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस के स्लीपर क्लास में शहाबुद्दीन को दिल्ली ले जाया गया है. S-2 कोच में सीट नंबर 1 से 16 तक शाहबुद्दीन और सुरक्षाकर्मियों के लिए रिजर्व कराया गया था. ऐसे में बाकी सुरक्षाकर्मियों के लिए बैठने की जगह बनाने के लिए S-2 कोच के बाकी मुसाफिरों को S-1 और S-3 कोच में चलती ट्रेन में शिफ्ट किया गया. जिसकी वजह से मुसाफिरों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा.

गौरतलब है कि S-2 कोच के मुसाफिरों के लिस्ट में शहाबुद्दीन का नाम नहीं था. जिसकी वजह से चलती ट्रेन में टीटीई ने शहाबुद्दीन पर बिना टिकट सफर करने के लिए 440 रुपये का जुर्माना ठोका. इससे पहले दिन के वक्त शहाबुद्दीन जब बेउर जेल में थे तो जदयू के पूर्व विधायक और बाहुबली नेता अनंत सिंह ने शहाबुद्दीन से मुलाकात की. शाहबुद्दीन को बेउर जेल के अंदर देखने के लिए बाकी कैदियों में भी भारी उत्साह देखा गया.

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार माफिया डॉन और आरजेडी के पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन को सीवान जेल से निकालकर दिल्ली की तिहाड़ जेल लाया गया है. शनिवार को बड़ी गोपनीय तरीके से सीवान जेल से शहाबुद्दीन को निकाला गया और फिर उन्हें पटना के बेउर जेल में रखा गया.

शहाबुद्दीन को तिहाड़ की जेल नंबर 2 मे रखा गया है. इसमें सजायाफ्ता कैदियों को रखा जाता है. शहाबुद्दीन को जिस जेल में रखा गया है, वहां कि सुरक्षा बढ़ाई गई है. तिहाड़ में ही शहाबुद्दीन का मेडिकल कराया जाएगा.

पटना से ट्रेन में लाया गया

शनिवार शाम तकरीबन 4:00 बजे शहाबुद्दीन को बेउर जेल से निकालकर राजेंद्र नगर रेलवे स्टेशन लाया गया और संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस से भारी सुरक्षा के बीच दिल्ली रवाना किया गया. जैसे ही शहाबुद्दीन को राजेंद्र नगर रेलवे स्टेशन लाया गया उनके समर्थकों ने नारे लगाने शुरू कर दिए. सभी समर्थक संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस में बैठकर शहाबुद्दीन के साथ ही दिल्ली रवाना हो गए.