बचपन से ही एक्टिंग के शौकीन हैं मोदी, बड़े भाई ने ‘आजतक’ के सामने दिया बयान

बचपन से ही एक्टिंग के शौकीन हैं मोदी, बड़े भाई ने ‘आजतक’ के सामने दिया बयान

लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बड़े भाई सोमा भाई मोदी खुद कभी राजनीति में आने की इच्छा नहीं रखते, लेकिन इन दिनों वह यूपी विधानसभा चुनाव में बीजेपी प्रत्याशियों के लिए जगह-जगह जाकर वोट मांग रहे हैं.

मिर्जापुर में ‘आज तक’ से बातचीत में सोमा भाई ने विश्वास जताया कि यूपी में जीत का सेहरा बीजेपी के सिर ही बंधेगा. उन्होंने राज्य की मौजूदा सरकार पर नाकारा होने का आरोप लगाया. सोमा भाई ने गांवों में बिजली की किल्लत और सड़कों की बदहाली का हवाला दिया. सोमा भाई ने कहा कि बीजेपी के लिए एसपी-कांग्रेस गठबंधन कोई चुनौती नहीं है.

अखिलेश सरकार पर वार

गुजरात के गधों को लेकर यूपी के सीएम अखिलेश के हालिया बयान के बारे में पूछे जाने पर सोमाभाई ने कहा, नेताओं का इस तरह की अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना राजनीति के स्तर में आई गिरावट को दर्शाता है. बोलते वक्त दूसरों के सम्मान का ध्यान रखना चाहिए.

नरेंद्र मोदी को बचपन में एक्टिंग करना था पसंद

सोमा भाई केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कामकाज को बहुत अच्छा बताते हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री के बारे में कहा कि बचपन में उन्हें खेलना और एक्टिंग करना बहुत पसंद था. खाने में बाजरे की रोटी बहुत चाव से खाते थे. सोमा भाई ने बताया कि नरेंद्र मोदी बचपन में किसी बात पर गुस्सा होते थे, तो एक कोने में जाकर बैठ जाते थे. नोटबंदी के दिनों में मां के बैंक लाइन में लगने संबंधी सवाल पर सोमा भाई ने साफ किया कि मां खुद अपनी आंखों से देखना चाहती थीं और अपने नोट बदलवाना चाहती थीं. एक सवाल के जवाब में सोमा भाई ने साफ किया कि वो खुद कभी राजनीति में नहीं आएंगे.

सोमा भाई को हाल में वाराणसी के मैदागिन स्थित भारतेंदु पार्क में मॉर्निंग वॉक करने आए लोगों से बीजेपी के पक्ष में मतदान करने की अपील करते देखा गया था. सोमा भाई ने ये भी कहा था कि नरेंद्र मोदी का भाई होने की वजह से ही उन्हें वाराणसी में लोगों से बहुत आदर मिल रहा है. वाराणसी में अंतिम चरण में 8 मार्च को मतदान होना है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र होने की वजह से यहां उनकी अपनी प्रतिष्ठा भी जुड़ी है.

वाराणसी के कुछ लोग मानते हैं कि सोमा भाई के प्रचार करने से बीजेपी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा. वहीं कुछ लोगों का ये भी मानना है कि इस बार 2014 जैसे हालात नहीं है. बीजेपी को एसपी-कांग्रेस गठबंधन से कड़ी चुनौती मिल रही है, यही वजह है कि बीजेपी को सोमा भाई को भी बीजेपी प्रत्याशियों के प्रचार के लिए मैदान में उतारना पड़ा है. courtsey-Aajtak