सीमा पार से आने लगे नकली 2000 के नोट, बहुत मुश्किल है पहचान

सीमा पार से आने लगे नकली 2000 के नोट, बहुत मुश्किल है पहचान




कोलकाता: नोटबंदी के साथ ही जब केन्द्र सरकार ने 2000 का नया नोट बाज़ार में उतारा था तो इस नोट की तारीफ में बड़ी बड़ी बातें की गई थीं. ये भी कहा गया था कि इस नोट की नकल करना संभव ही नहीं है. कहा गया था कि इंक सप्लाई करने वाली कंपनी बदल दी गई है.

लेकिन हालात किसी और दिशा में इशारा कर रहे हैं. भारत बांग्लादेश सीमा पर बड़ी संख्या में दो हजार रुपए के नकली नोट पकड़े जा रहे हैं. इन नोटों से मूल्य के नकली नोटों की पिछले एक महीने से सीमा पर पकड़ी जा रही खेपों से अर्धसैनिक बलों और खुफिया एजेंसियों की नींद उड़ी हुई है. हालात ये हैं कि इन नोट्स की पहचान करना आसान काम नहीं है.

बीएसएफ के स्थानीय अफसर नकली असली की पहचान नहीं कर पा रहे. जब ये अफसर ही पहचान नहीं कर पा रहे तो साधारण लोग कैसे करेंगे. अब बीएसएफ ने भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई से ट्रेनिंग मांगी है. बीएसएफ का कहना है कि इस ट्रेनिंग के बाद वो इससे भारत-बांग्ला सीमा से तस्करी के जरिए लाए जाने वाले नकली नोटों को पहचान सकेंगे .

बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों द्वारा पकड़ी गई नकली नोटों की राशि चिंता का विषय है. सुरक्षा विशेषताओं की विशेषज्ञता से प्रतिकृति तैयार कर ली गई है, नकली नोटों में 2,000 रुपए के नए नोटों की आधी सुरक्षा विशिष्टताएं हैं.

हम दो हजार रुपए मूल्य के नकली नोटों की पहचान के वास्ते अपने जवानों और अधिकारियों के लिए एक प्रशिक्षण कार्यक्रम को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक से बात कर रहे हैं.

बीएसएफ के एक अन्य अधिकारी ने कहा, ‘हम चाहते हैं कि हमारे जवानों और अधिकारियों के पास एक उचित विचार हो कि प्रौद्योगिकी या भौतिक रूप से नकली और असली नोटों की पहचान कैसे की जाए. दो हजार रुपए के नोट में 17 सुरक्षा विशिष्टताएं हैं, हम चाहते हैं कि हम अपने जवानों को नकली नोटों को पहचानने में अच्छी तरह प्रशिक्षित कराना चाहते हैं.