ओ भाई साब ! अंबानी ने 6 घंटे में जियो से कमाए 40,000 करोड़

ओ भाई साब ! अंबानी ने 6 घंटे में जियो से कमाए 40,000 करोड़

नई दिल्ली:  अंबानी ने फ्री सेवाएं देकर भी जियो से सिर्फ छह घंटे में 40 हज़ार करोड़ रुपये कमाकर दिखा दिए. रिलायंस जियो, रिलायंस इंडस्ट्रीज की सब्सिडियरी कंपनी है. इसीलिए टैरिफ प्लान शुरू होने के साथ ही जियो की आमदनी भी शुरू हो जाएगी. इससे रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की आय में बढ़ोतरी होगी. लिहाजा आरआईएल के मुनाफे में भी बड़ी ग्रोथ आएगी. इस सभी संभावनों को देखते हुए आज कंपनी के शेयर में 11 फीसदी का बड़ा उछाल देखने को मिला. आरआईएल का शेयर 7 साल (जून 2009) बाद 1200 रुपए के पार पहुंच गया है.

7 साल के बाद बुधवार को शेयर बाजार की तेजी में सबसे बड़ा योगदान RIL के शेयर का रहा है. इस तेजी में रिलायंस इंडस्ट्रीज की मार्केट कैप मंगलवार के मुकाबले 3,52,154.95 करोड़ रुपए से बढ़कर 389,733.82 करोड़ रुपए हो गई है. इस लिहाज से निवेशकों ने सिर्फ छह घंटे में करीब 40 हजार करोड़ रुपए की कमाई की है.

केआर चोकसी इन्वेस्टमेंट मैनेजर के एमडी, देवेन चोकसी का कहना है कि जियो को लेकर आमदनी के मोर्चे पर जो सफाई है उसको बाजार ने थम्स अप दिया है. जियो ने अब तक 10 करोड़ ग्राहक बना लिए हैं और आगे 6 महीनों में 10 करोड़ और ग्राहक जोड़ने की उम्मीद है, ऐसे में जो नए ग्राहक जुड़ेंगे वो 500 रुपये के सब्सक्राइबर वाली कैटेगरी में आएंगे. इस तरह, रिलायंस जियो की आय 40,000-45,000 करोड़ रुपये के आसपास जा सकती है. देवेन चोकसी के मुताबिक 40,000-45,000 करोड़ रुपये की आय का 15,000-18,000 करोड़ रुपये के एबिटडा में तब्दील होने का अनुमान है. इसको देखते हुए वित्त वर्ष 2018 में रिलायंस जियो की आय 50,000-60,000 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जबकि एबिटडा 24,000-28,000 करोड़ रुपये रह सकता है.

एक्सपर्ट्स के मुताबिक आंकड़ों के अनुमान को देखकर ही बाजार में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में भरोसा बढ़ रहा है. रिलायंस जियो के लिए 2 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया गया है, यदि इस निवेश का मार्केट कैप में एकमुश्त हिस्सा भी शामिल हो जाता है तो फिर रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में 550-600 रुपये का वैल्यु बन सकता है. लिहाजा 12-15 महीने की अवधि में रिलायंस इंडस्ट्रीज में जोरदार तेजी देखने को मिल सकती है.

देवेन चोकसी ने ये भी कहा कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के रिफाइनिंग कारोबार की कैपिसिटी 10 करोड़ टन पर पहुंच चुकी है. वहीं, पेट्रोकेम और पॉलिमर बिजनेस में 70 फीसदी क्षमता विस्तार का काम पूरा हो चुका है. रिलायंस इंडस्ट्रीज के सीबीएम प्रोजेक्ट में लागत कम होने की उम्मीद की जा रही है. इस लिहाज से कोर बिजनेस से ही रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुनाफे और आय में 30-40 फीसदी की ग्रोथ का अनुमान है. वहीं, आगे रिलायंस इंडस्ट्रीज को रिटेल और ई-कॉमर्स कारोबार से भी बूस्ट मिलने की उम्मीद है.