तिरंगे का अपमान करने के बावजूद माफी नहीं मांग रहा अमेज़न, सुषमा की धमकी भी बेकार, ये है वजह

तिरंगे का अपमान करने के बावजूद माफी नहीं मांग रहा अमेज़न, सुषमा की धमकी भी बेकार, ये है वजह




नई दिल्ली: अमेजॉन डॉट कॉम ने भारत के तिरंगे का अपमान किया, हमारे देश के झंडे को डोरमेट बनाकर बेचा. लेकिन फिर भी कंपनी है कि माफी मांगने को तैयार नहीं है. सुषमा स्वराज ने कंपनी को सरे आम फटकार लगाई. उसका वीज़ा रद्द करने की भी धमकी दी लेकिन इसके बावजूद बडी मुश्किल से वेबसाइट से इस प्रोडक्ट को तो हटा दिया गया. हालांकि अमेजन की ओर से अभी माफी नहीं मांगी गई है. सबके दिमाग में एक ही सवाल है कि आखिर ऐसा क्या है कि विदेश मंत्री की सख्ती के बावजूद अमेजॉन झुकने को तैयार नहीं है. जिन्होंने मिस कर दिया है उनके लिए पहले आपको बताते हैं पूरी कहानी कि हुआ क्या था.
डोरमैट यानि दरवाज़े पर पांव पोंछने के लिए बिछाने वाली चटाई, जिसका इस्तेमाल हम सबके घरों में होता है, लेकिन कनाडा में अमेज़न हमारे तिरंगे झंडे का डोरमैट बेच रही है. कीमत रखी गयी है करीब 36 डॉलर यानि भारतीय रूपए में भारतीय तिरंगे की कीमत रखी गयी है करीब 2450 रुपए.
अमेज़न में भारतीय तिरंगे वाले डोरमैट को बिकता देख सरकार हरकत में आयी. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अमेजन को तिरंगे से जुड़े इस अपमानजनक उत्पादों को फौरन हटाने को कहा, ट्वीट में सुषमा का गुस्सा साफ नज़र आ रहा था.


सुषमा ने ट्वीट किया, ‘’अमेजन को तुरंत माफी मांगनी चाहिए. हमारे तिरंगे का अपमान करने वाले हर प्रोडक्ट को अमेजन को वापिस लेना होगा. ऐसा ना किए जाने पर अमेजन में काम कर रहे किसी भी व्यक्ति को भारत का वीजा नहीं दिया जाएगा. अगर किसी के पास पहले से वीजा है तो उसे रद्द कर दिया जाएगा.’’
जानकार इसके पीछे मोदी के साथ अमेजॉन की डील को मान रहे हैं. इनका कहना है कि हाल में अमेज़न के मुखिया जेफ बेजोज भारत दौरे पर आए थे, विदेशी निवेश न आने से परेशान सरकार को उन्होंने पांच अरब डॉलर के निवेश का वादा किया है. बताया जाता है कि ये वादा सीधे मोदी की पहल के कारण आया है. कंपनी भारत में तेज़ी से अपने कारोबार का विस्तार भी कर रही है. कल ही गुजरात सरकार के साथ वाइब्रैंट गुजरात ग्लोबल समिट के दौरान एक समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं. ऐसी हालत में अमेजन अकड़ में है. उसे लगता है कि इतना बड़ा इनवेस्टमेंट भारत गंवाना नहीं चाहेगा. खासतौर पर पीएम मोदी के रहते उसे माफी मांगने की ज़रूरत नहीं है.