नोटबंदी से मंदी के हालात, हज़ारों की संख्या में जा रही हैं नोकरियां, मोबाइल सैक्टर तबाह

नोटबंदी से मंदी के हालात, हज़ारों की संख्या में जा रही हैं नोकरियां, मोबाइल सैक्टर तबाह

नई दिल्ली: नोटबंदी  से भारत में मंदी के हालात पैदा होने लगे हैं. सोने के भाव लगातार गिरने के बाद अब नोकरियों पर भी गाज गिरने लगी है. अबतक गरीब दिहाड़ी मज़दूर काम ने मिलने के कारण अपने गांव लौट रहे थे अब बड़ी कंपनियों में भी छंटनी होने लगी है. ताज़ा खबर के मुताबिक दुनिया की सबसे बड़ी कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर और मोदी सरकार के मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट की शान मानी जाने वाली कंपनी फॉक्स-कॉन ने अपने 8000 फैक्ट्री वर्कर्स में से करीब एक चौथाई को दो हफ्तों के लिए पेड लीव पर जाने को कह दिया है. ये कंपनीआईफोन श्याओमी जियोनी और वनप्लस जैसी कंपनियों के फोन बनाती है. हाई वैल्यू वाले नोटों को रद्द करने के सरकारी फरमान के बाद नकदी की कमी की स्थिति बनने से फोन की बिक्री करीब 50% घट गई है और कंपनी को प्रॉडक्शन आधा करना पड़ा है. इसके उलट मोदी समर्थक ये प्रचार करते रहे हैं कि नोटबंदी से लेनदेन में मोबाइल का इस्तेमाल बढ़ेगा और उसकी मांग भी बढ़ेगी.

इंडस्ट्री के लोगों का कहना है कि नोटबंदी के बाद से मोबाइल फोन की मंथली सेल्स आधी होकर 175-200 करोड़ रुपये पर आ गई है और हालात सुधरने की उम्मीद दूर-दूर तक नजर नहीं आ रही है. इंटेक्स, लावा और कार्बन सहित बड़ी लोकल कंपनियां या तो छंटनी करने या अपने वर्कफोर्स के 10 से 40 पर्सेंट हिस्से को काम बंद करने के लिए कहने की योजना बना रही हैं.

लावा अपना प्लांट 12 दिसंबर से एक हफ्ते के लिए बंद कर रही है. वहां करीब 5000 लोग काम करते हैं. सूत्रों ने बताया कि दूसरी कंपनियां भी जल्द यही राह पकड़ सकती हैं.

चाइना की शाओमी, ओपो और जियोनी के अलावा इनफोकस और नोकिया के साथ लावा, इंटेक्स, कार्बन और माइक्रोमैक्स के लिए डिवाइसेज फॉक्सकॉन बनाती है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि इंडिया में असेंबल होने वाले हैंडसेट्स में से करीब 50 पर्सेंट को फॉक्सकॉन तैयार करती है.

फॉक्सकान की मैन्युफैक्चरिंग डिटेल्स जानने वाले एक इंडस्ट्री एग्जिक्यूटिव ने कहा, ‘आंध्र प्रदेश के श्री सिटी में चार प्लांट हर महीने 12 लाख फोन बनाने की कैपेसिटी पर काम कर रहे हैं. पहले वहां 25 लाख फोन बना करते थे.’

कंपनी ने करीब 1700 कर्मचारियों को या तो रेगुलर काम से हटा दिया हैया उन्हें दो हफ्तों के लिए जबरन पेड लीव पर भेज दिया है.

इंटेक्स टेक्नोलॉजीज के प्रॉडक्ट हेड यू एम थाजथ ने कहा, ‘दिसंबर का पहला हफ्ता वाकई बुरा रहा. अब हम प्रॉडक्शन घटाने और सेमी-नॉक्ड डाउन किट्स का इंपोर्ट टालने के बारे में सोच रहे हैं.’

इंटेक्स के एक अन्य अधिकारी ने कहा कि कंपनी के नोएडा प्लांट से 500-600 लोगों की जनवरी में छंटनी कर दी जाएगी.

लावा इंटरनेशनल के एक सीनियर अधिकारी ने कहा, ‘फैक्ट्री फ्लोर पर काम करने वाले सभी 5000 लोगों से कह दिया गया है कि सोमवार से एक हफ्ते तक वे न आएं क्योंकि स्मार्टफोन और फीचर फोन का पूरा प्रॉडक्शन इस दौरान बंद रहेगा.’