VIDEO: मुरादाबाद में मोदी का पूरा भाषण, वीडियो देखना है वीडियो देखो, पढ़ना है पढ़ो

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मुरादाबाद रैली में एक बात तो साफ हो गई और वो ये कि हाथ में नोट चाहिए तो लाइन में लगकर ही मिलेंगे वरना पैसे का लेनदेन नोटों के बगैर करना सीख लें. उनके भाषण का मतलब ये भी है कि सरकार जानबूझ कर नोट नहीं छाप रही और नोट वो चाहती है कि लोग ऐसे तरीकों से लेनदेन करें जो रिकॉर्ड पर हों. चाहे पेटीएम हो या तो डेबिट कार्ड या चेक पेमेंट. इन तरीकों से किए गए खर्च पर सरकार के लिए नज़र रखना आसान होता है. अब पढ़िए मोदी के भाषण का पूरा निचोड़…

1- ‘डेबिट कार्ड दे दो मैं भीख ले लेता हूं’

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नोटबंदी के फैसले पर लोगों के समर्थन का दावा करते हुए आज सोशल मीडिया पर आए संदेश में एक भिखारी का जिक्र किया, जो भीख के पैसे डेबिट कार्ड से लेने को कहता है. मोदी ने कहा, ”व्हाटस ऐप पर किसी ने दिखाया कि कोई भिखारी कार में भिक्षा मांगने गया. कार में जो बैठे थे, उन्होंने कहा कि छुटटे पैसे नहीं है हालांकि हम तेरी मदद तो करना चाहते हैं. इस पर भिखारी बोला कि चिन्ता मत करो. उसने स्वाप मशीन निकाली और कहा डेबिट कार्ड दे दो, मैं ले लेता हूं.”

2- जनधन खातों का पैसा गरीबों का : मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां शनिवार को कहा कि जनधन खाते में अमीर पैसा जमा कर रहे हैं. कोई अमीर कितना ही दबाव बनाए, जनधन खाते से पैसा मत निकालिए, क्योंकि ऐसा कोई रास्ता निकालूंगा कि वो पैसा गरीबों का हो जाए और जिसने जमा कराया, उसे जेल जाना पड़ेगा.

मोदी ने कहा, “भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहा हूं. आज कुछ लोग मुझ पर आरोप लगा रहे हैं. लेकिन ज्यादा से ज्यादा ये लोग मेरा क्या कर लेंगे? हम तो फकीर आदमी हैं, झोला लेकर चल देंगे.”

 

3- मुरादाबाद को सिर झुका कर नमन

मोदी ने कहा, “मुरादाबाद आने से पहले थोड़ा संकोच कर रहा था, क्योंकि मैं बहुत सालों बाद यहां आ रहा था. 2009 में यहां आया था, उसके बाद मन में संकोच होता था कि जिस मुरादाबाद ने मुझे इतना प्यार दिया, वहां पहुंचने में देरी हुई. हमारा समर्थन करने के लिए मुरादाबाद को सिर झुका कर नमन करता हूं.”

प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं प्रदेश की सरकार से पूछना चाहता हूं कि क्या कारण है कि मुरादाबाद पीतल की वजह से पूरी दुनिया में जाना जाता है, लेकिन आएसपीस के गांवों में बिजली नहीं है.” उन्होंने कहा कि यूपी में गरीबों की भलाई करनी है, इसलिए वह यूपी से सांसद बने. उन्होंने कहा, “विकास हमारी पहली प्राथमिकता है. प्रदेश में विकास होगा तो रोजगार आएगा.”

4- जैसे वाट्सएप से मैसेज भेजते हैं, वैसे ही कर सकते हैं ऑनलाइन ट्रांजक्शन

पीएम ने कहा कि इस देश में 70 साल से चली आ रही भ्रष्टाचार की बीमारी को खत्म करने के लिए कैशलेस ट्रांजेक्शन को अपनाना होगा. पिछली सरकारों ने नोट छाप-छाप कर इस देश में भ्रष्टाचार को बढ़ाया है. अब ऐसा नहीं होगा. जैसे आप वाट्सएप से मैसेज भेजते हैं, वैसे ही आप ट्रांजक्शन भी कर सकते हैं.

ज्ञात हो कि इसके पहले मोदी 14 नवंबर को गाजीपुर में, 20 नवंबर को आगरा और 27 नवंबर को कुशीनगर में परिवर्तन रैली की थी. इसके बाद वह 11 दिसंबर को बहराइच व 19 दिसंबर को कानपुर में परिवर्तन रैली को संबोधित करेंगे.

5- आखिरी बार कतार लगवा रहा हूं

भारत को ‘बेईमानों’ से मुक्ति दिलाने का संकल्प दोहराते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नोटबंदी के बाद बैंकों और एटीएम के आगे लंबी कतारें लगने पर आज कहा कि मिटटी का तेल और चीनी के लिए 70 साल से कतारें लगा रही जनता से वह आखिरी बार कतार लगवा रहे हैं. देश को नकद लेनदेन से मुक्ति दिलाने का आहवान करते हुए मोदी ने मोबाइल के जरिए खरीद फरोख्त करने का सुझाव दिया और नौजवानों से अपील की कि वे देशवासियों को मोबाइल के जरिए लेनदेन करना सिखायें.

पीएम ने कहा, ”आपने वो सरकारें अब तक देखी हैं जो अपने लिए काम करती हैं. अपनों के लिए करने वाली सरकारें बहुत आयीं. आपके लिए करने वाली सरकार बीजेपी ही हो सकती है.” मोदी ने कहा, ”इस देश को भ्रष्टाचार ने बर्बाद किया है. इस देश को भ्रष्टाचार ने लूटा है. गरीब का सबसे ज्यादा नुकसान किया है. गरीब का हक छीना है. हमारी सभी मुसीबतों की जड में भ्रष्टाचार है.

6- हम तो फकीर आदमी हैं, झोला लेकर चल पडेंगे

कानून का उपयोग करके बेईमान को ठीक करना होगा. भ्रष्टाचार को ठिकाने लगाना होगा.” उन्होंने पूछा, ”अगर कोई ये काम करता है तो वह गुनाहगार है क्या ? कोई भ्रष्टाचार के खिलाफ लडता तो गुनाहगार है क्या ? मैं हैरान हूं कि आजकल मेरे ही देश में कुछ लोग मुझे गुनाहगार कह रहे हैं. क्या मेरा यही गुनाह है कि भ्रष्टाचार के दिन पूरे होते जा रहे हैं ? क्या यही मेरा गुनाह है कि गरीबों का हक छीनने वालों को अब हिसाब देना पड रहा है ? ”

मोदी बोले, ”हिन्दुस्तान की पाई पाई पर अगर किसी का अधिकार है तो सवा सौ करोड देशवासियों का है. मैं आपके लिए लड़ाई लड़ रहा हूं. ज्यादा से ज्यादा (विरोधी) मेरा क्या कर लेंगे ? हम तो फकीर आदमी हैं, झोला लेकर चल पडेंगे. ये फकीरी है, जिसने मुझे गरीबों के लिए लडने की ताकत दी है.”

7- बैंक के बाहर तो वो कतार लगाता है जिसमें ईमानदारी है

मोदी ने कहा कि पहले नोट छपते थे और महंगाई बढ़ रही थी और नोटों के बंडल कहीं छिप जाते थे. ”मैं अभी पीछे लगा हूं…निकालो आ रहा है…आपने देखा होगा कोने कोने से. कुछ लोग तो गरीबों के पैर पकड़ रहे हैं. ऐसा करो कि मेरा दो तीन लाख रूपये खाते में डाल दो. कभी किसी अमीर को गरीब के पैर पकड़ते नहीं देखा था. आज जिन बेईमान लोगों ने पैसा जमा किया है वो गरीबों के घर पर भी कतार लगाकर खड़े हैं. बैंक के बाहर तो वो कतार लगाता है जिसमें ईमानदारी का माद्दा होता है. बेईमान गरीबों के घर के बाहर चोरी चुपके कतार लगाये हुए हैं.”

उन्होंने कहा कि जब जनधन खाता खोला गया था तब गरीबों को भी पता नहीं था कि ये कैसे काम आएगा. ”अब बताइये .. काम आ रहा है कि नहीं ? मैं देश के सभी जनधन खाते वाले गरीबों को कहना चाहता हूं कि जिसका भी पैसा बैंक में रखा है वो उठाइये मत. एक रूपया मत उठाइये. वो आपके घर के चक्कर काटेगा, आपके पैर पकडेगा.”

9- ”पहले पूरा दिन मनी-मनी करते थे, अब मोदी मोदी बोल रहे हैं”

मोदी बोले, ” मैं हैरान हूं. आपने देखा होगा अच्छे-अच्छे लोगों के चेहरे से चमक चली गयी है. पहले पूरा दिन मनी मनी करते थे अब मोदी मोदी बोल रहे हैं. मैं देशवासियों को फिर कहता हूं कि आपको कष्ट हो रहा है और देश के लिए आप कष्ट झेल भी रहे हैं. लोग आपको आकर भड़काने की कोशिश करते हैं.”

उन्होंने कहा, ”लोग दो तीन घंटे से खडे हैं. बैंक पैसा नहीं दे रहा है लेकिन कोई गुस्सा नहीं कर रहा है क्योंकि देश की जनता के इरादे नेक हैं. जनता को पता है कि ये ईमानदारी का प्रयास है. जब विश्वास हो जाता है तो ये देश कुछ भी सहने को तैयार होता है, ये मैंने अनुभव किया है.” मोदी ने कहा कि देश का सामान्य नागरिक बेईमानी से तंग आ चुका है. आज देश के सवा सौ करोड लोगों ने कष्ट झेलकर भी इस लडाई को अपने कंधों पर उठा लिया है क्योंकि देश का सामान्य नागरिक बेईमानी नहीं चाहता.

10-  “देशवासियों की तपस्या को बेकार नहीं जाने दूंगा”

मोदी ने कहा कि देश में ऐसी हवा बन गयी थी कि सरकार नाम की कोई चीज नहीं है. नेताओं की जेब भर दो, काम चल जाएगा. अब वो नहीं चलेगा. पुराने रास्ते बंद हो चुके हैं. असहाय लोगों को आज लगने लगा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लडाई को जीतना है.

उन्होंने कहा, ”मैं देशवासियों को विश्वास दिलाता हूं कि आपने जो मेहनत की है…घंटों कतार में बिना खाये पिये खडे रहे हैं…मैं मेरे देशवासियों की तपस्या को बेकार नहीं जाने दूंगा. ईमानदारी के जितने रास्ते मुझे सूझेंगे, मैं देश को उस रास्ते पर ले जाने के लिए कोई कमी नहीं रहने दूंगा, ये विश्वास दिलाना चाहता हूं.”

11- ‘नोट छाप-छाप कर हम बेईमान की मदद नहीं करना चाहते’

मोदी ने जनता से अपील की कि वह मोबाइल पर कारोबार सीखे. ये कोई मुश्किल कार्य नहीं है. बहुत आसानी से पैसे देकर माल खरीदा जा सकता है. वक्त बदल चुका है. ”बेईमानी के सारे दरवाजे बंद करने के लिए मुझे मदद चाहिए. नोट छाप-छाप कर हम बेईमान की मदद नहीं करना चाहते. मैं रात दिन लगा हूं. आपकी तकलीफ मेरी तकलीफ है.

मोदी ने नोटबंदी से किसानों को समस्या होने की विपक्ष की दलील को खारिज करते हुए कहा, ” मैं किसानों का विशेष रूप से वंदन करना चाहता हूं कि तकलीफ के बावजूद बुवाई में कमी नहीं आयी. पिछले साल से बुवाई बढी है. वो (विरोधी) भ्रम फैला रहे हैं और निराशा का वातावरण पैदा कर रहे हैं.”

उन्होंने कहा कि देश सशक्त है और देश का नौजवान सशक्त है. जिस देश के पास 65 प्रतिशत लोग 35 साल से कम उम्र के हों वो नौजवान देश को कहीं से कहीं पहुंचा सकता है.

 

12- देश के विकास के लिए यूपी की गरीबी मिटाना आवश्यक: मोदी

मोदी ने कहा कि देश के सही विकास के लिए उत्तर प्रदेश की गरीबी हटाना बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि हिंदुस्तान से गरीबी मिटनी चाहिए. भारत से गरीबी मिटनी चाहिए, बड़े प्रदेश से गरीबी खत्म हो तो देश की गरीबी कम होगी. गरीबी को मिटाना है तो बड़े राज्यों यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल से गरीबी मिटानी होगी.”

प्रधानमंत्री ने कहा, “केवल सांसद बनने के लिए यूपी से चुनाव नहीं लड़ा. यूपी को गरीबी से मुक्ति दिलाने के लिए इस राज्य से चुनाव लड़ा. वाराणसी के लोगों ने मुझे भरपूर आर्शीवाद दिया.” उन्होंने कहा, “लाल किले के प्राचीर से कहा था कि 1000 दिन में गांवों में बिजली पहुंचा दूंगा. अभी आधी अवधि भी नहीं बीती है लेकिन 950 गांवों में बिजली पहुंचा दी. सरकारें घोषणा के लिए नहीं होती हैं. योजनाएं बनाकर उन्हें लागू करना होता.”

इस दौरान मंच पर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य, प्रदेश प्रभारी ओमप्रकाश माथुर भी मोजूद थे. इससे पहले केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि रैली में मौजूद भीड़ ने साबित कर दिया है कि जनता परिवर्तन चाहती है. उन्होंने कहा कि नोटबंदी को लेकर जो भीड़ बैंकों में लगी है, वही चुनाव में कमल का बटन दबाएगी.

प्रदेश प्रभारी ओमप्रकाश माथुर ने कहा, “बीजेपी ही सभी वर्गो की पार्टी है. वह सबकी चिंता करती है. एसपी या कोई अन्य दल चाहे जितना बड़ा गठबंधन बना ले, बीजेपी को सरकार बनाने से कोई नहीं रोक सकता.”