विज्ञापन में मोदी की फोटो डालने के लिए रिलांयस को देने होंगे सिर्फ 500 रुपये, संसद में दी गई जानकारी

विज्ञापन में मोदी की फोटो डालने के लिए रिलांयस को देने होंगे सिर्फ 500 रुपये, संसद में दी गई जानकारी

नई दिल्ली: अगर सलमान खान को मॉडल लेते तो जिओ को करोड़ों देने पड़ते, अगर मनोज तिवारी को भी लेते तो लाखों से कम पर काम नहीं चलता लेकिन रिलायंस जियो को दुनिय़ा के सबसे सस्ते ब्रांड एंबेसडर के तौर पर नरेन्द्र मोदी मिले हैं. मोदी की फोटो जियो के विज्ञापन में डालने के लिए रिलायंस को देनें होंगे 500 रुपये. जी हां पांच सौ रुपये मात्र. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो को अपने प्रिंट और इलेक्ट्रोनिक ऐड में इस्तेमाल करने के लिए रिलायंस जियो पर 500 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा. गुरुवार (1 दिसंबर) को सूचना एंव प्रसारण राज्यमंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने लिखित में जवाब दिया कि मोदी की फोटोग्राफ इस्तेमाल करने स पहले प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से कोई इजाजत नहीं ली गई थी. हालांकि, रिलाइंस जियो ने अबतक इसपर कोई टिप्पणी नहीं की है. अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, सरकार से रिलायंस जियो के बारे में यह सवाल समाजवादी पार्टी से सांसद नीरज शेखर ने पूछा था. राज्यवर्धन ने उसके जवाब में माना कि सरकार को पता था कि रिलायंस ने पीएम मोदी की तस्वीर का इस्तेमाल किया था. इसपर विपक्ष ने सवाल खड़ा करते हुए हंगामा किया और पूछा कि किसी निजी कंपनी के विज्ञापन में पीएम की तस्वीर कैसे इस्तेमाल हो गई ?

इसके साथ ही पेटीएम जैसे ई-वालेट कंपनी के ऐड में भी पीएम मोदी की तस्वीर का इस्तेमाल हुआ था. उसको लेकर भी सवाल पूछा गया. विपक्ष ने आगे पूछा कि क्या पीएमओ ने दोनों कंपनी के खिलाफ बिना इजाजत के फोटो इस्तेमाल करने पर कोई कार्रवाई की? इसपर राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा, ‘प्रतीक और नाम (अनुचित प्रयोग निवारण) अधिनियम’ को खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा देखा जाता है. उन्होंने बताया था कि ऐड के खिलाफ उन्हें कोई शिकायत नहीं मिली. लेकिन फिर भी हम कानून तोड़ने पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा देते हैं.’

कानून के सेक्शन तीन के हिसाब से किसी भी ‘विशिष्ट’ व्यक्ति के नाम या तस्वीर और चिन्ह को किसी लेन-देन, व्यापार के लिए बिना केंद्र सरकार की इजाजत के इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. ‘विशिष्ट’ की लिस्ट में लगभग 3 दर्जन नाम और चिन्ह शामिल हैं जिनका इस्तेमाल बिना केंद्र सरकार की इजाजत के नहीं किया जा सकता. उसमें भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यों के गवर्नर, भारत या राज्य सरकार, महात्मा गांधी, इंदिरा गांधी, जवाहर लाल नेहरू, संयुक्त राष्ट्र संघ, अशोक चक्र और धर्म चक्र शामिल हैं.