हैकर्स ग्रुप लीजन का बायोडेटा, विजय माल्या का ले गए पूरा कच्चा चिट्ठा, राहुल का अकाउंट भी हैक किया था

हैकर्स ग्रुप लीजन का बायोडेटा, विजय माल्या का ले गए पूरा कच्चा चिट्ठा, राहुल का अकाउंट भी हैक किया था

नई दिल्ली: शुक्रवार की सुबह शराब कारोबारी विजय माल्या का आधिकारिक ट्विटर हैंडल हैक करने वाला व्यक्ति या गिरोह ‘लीजन’ धीरे-धीरे हैकरों की दुनिया में प्रसिद्ध होता जा रहा है. इस महीने की शुरुआत में कांग्रेस पार्टी के उपाध्यक्ष राहुल गांधी का ट्विटर हैंडल हैक करने का दावा करने वाला लीजन, ट्विटर पर सक्रिय भारतीय नेताओं और मशहूर हस्तियों के लिए हैकिंग खतरा बनता जा रहा है. लीजन किस देश से संबंधित है, इसकी अभी जानकारी नहीं है.

यह अपनी वेबसाइट में लोगों से अपने साथ जुड़ने का आग्रह कर रहा है. इसने अपनी वेबसाइट ‘@sigaint.org’ के नाम को भी प्रकाशित किया है. यह एक डार्कनेट ईमेल सेवा है, जो बगैर स्थान और पहचान का खुलासा किए केवल ई-मेल भेजती और प्राप्त करती है. इस ई-मेल आईडी पर टॉर ब्राउसर पर सुरक्षित ई-मेल आईडी उपलब्ध कराने का दावा भी किया गया है.

लीजन के मुताबिक, ‘हम पत्रकारों और ऐक्टिविस्ट्स को निगरानी के चंगुल से बचने के लिए यह सेवा उपलब्ध कराना चाहते हैं, जो इस समय इंटरनेट पर मौजूद है. अगर आपका किसी देश या किसी व्यक्ति के साथ कोई संघर्ष नहीं है तो आपको एक इंसान के तौर पर निजता का अधिकार है.’ लीजन की वेबसाइट में दावा किया गया कि हमारे नेटवर्क के द्वारा बनने वाले ई-मेल को केवल टॉर ब्राउसर को डाउनलोड करने के बाद ही इस्तेमाल किया जा सकता है.

अगर हम ‘लीजन’ नाम पर गौर करें तो अमेरिका में ‘लीजन ऑफ डूम’ (LOD) नाम का एक मशहूर हैकर ग्रुप था. इस हैकर ग्रुप की स्थापन लेक्स लुथर ने किया था जो 1990 के दशक से 2000 के शुरुआती दशक तक सक्रिय थे. LOD को टेक्नॉलजी के इतिहास के सबसे ज्यादा प्रभावशाली हैकिंग ग्रुप में से एक माना जाता है. हालांकि अभी यह नहीं कहा जा सकता कि ‘लीजन’ वास्तव में ‘लीजन ऑफ डूम’ से प्रेरित है या नहीं लेकिन यह बहुत ही प्रभावशाली है और भारत समेत दुनिया में कहीं भी साइबर अटैक को अंजाम दे सकता है.

गौरतलब है कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के ट्विटर अकाउंट को हैक कर कई देशों से संचालित किया गया था. दिल्ली पुलिस के मुताबिक राहुल गांधी और कांग्रेस के ट्विटर हैंडल को 5 देशों से संचालित किया गया था. दोनों अकाउंट्स को हैकर्स ने स्वीडन, रोमानिया, अमेरिका, कनाडा और थाइलैंड से संचालित किए थे.