कोटक महिंद्रा बैंक पर आईटी की रेड, दिल्ली में कालेधन को लेकर छापे मारी

कोटक महिंद्रा बैंक पर आईटी की रेड, दिल्ली में कालेधन को लेकर छापे मारी

नई दिल्ली: एक्सिस बैक के बाद कोटक महिन्द्रा बैक आयकर विभाग के निशाने पर आ गया है. आज सुबह आयकर विभाग ने दिल्ली के कस्तूरबा गांधी मार्ग की कोटक महिंद्रा बैंक की ब्रांच पर छापा मारा, छापे में कई फ़र्ज़ी अकॉउंट मिले हैं.

छापे में राधिका जेम्स नाम की कंपनी से जुड़ा एक बड़ा कथित घपला मिला. इस कंपनी के अकॉउंट में पहले 36 करोड़ 40 लाख रूपये जमा किए गए. बाद में ये पैसा एक्सिस बैंक में एन सी ज्वैलर्स के अकॉउंट में ट्रांसफर कर दिया गया. ज्वैलर्स का अकॉउंट फ़र्ज़ी था. एक्सिस बैंक में अकॉउंट की जांच के दौरान कोटक महिंद्रा में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ.

इसके अलावा कोटक महिंद्रा बैंक कस्तूरबा गांधी रोड में 8 और खातों में 32.25 करोड़ रूपये जमा हुआ. ये खाते 2 लोग राजकुमार और रमेश चाँद नाम के शख्स चला रहे थे. ये 8 अकॉउंट भी फ़र्ज़ी कंपनियों के नाम से खोले गए. इन खातों से पैसा ट्रांसफर कराने के लिए फ़र्ज़ी नामों से  डिमांड ड्राफ्ट जारी किये गए. सभी डिमांड ड्राफ्ट को फ्रीज़ किया गया. इस ब्रांच से कुल 39 करोड़ रूपये जब्त किए गए.

इससे दो दिन पहले ही पटना में भी कोटक महिन्द्रा बैंक में छापा पडा था. पटना के एक्जीबिशन रोड स्थित कोटक महिंद्रा बैंक की मुख्य शाखा पर प्रवर्तन निदेशालय (इडी) की विशेष टीम  और आयकर विभाग ने छापेमारी की थी. शाखा में इडी और आयकर के अधिकारियों ने बड़े पैमाने पर गड़बड़ी पकड़ी है.

बैंक में ढाई करोड़ से अधिक की रकम बिना किसी सूचना और जानकारी की पड़ी मिली है. नोटबंदी के बाद यह पांच सौ और हजार रुपये के  पुराने नोट किस खाते में किसने जमा किया है, इसकी जानकारी बैंक के अधिकारी नहीं दे सके. साफतौर पर यह माना जा रहा है कि यह अन एकाउंटेड मनी बेनामी खाते के जरिये संदिग्ध बैंक खाते में जमा किये गये हैं. इसकी जांच चल रही है. यह रकम 15 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है.

जानकारी के अनुसार पटना के अलावा दानापुर, समस्तीपुर, भागलपुर आदि शहरों में कुछ बैंक की शाखा में गड़बड़ी की जांच इडी करेगा. हालांकि इडी ने इसका खुलासा नहीं किया है, लेकिन इस गुप्त कार्रवाई में इन बैंकों की शाखाओं में करोड़ों की गड़बड़ी के पकड़े जाने की संभावना है.

कुछ दिन पहले पंजाब के चंडीगढ़ स्थित कोटक महिंद्रा की शाखा से डेढ़ सौ से से दो सौ करोड़ रुपये बरामद किये गये थे. सभी पैसे किसने किस खाता में जमा किया था, इसकी जानकारी नहीं मिल सकी थी. पंजाब में इन रुपये की बरामदगी के साथ मिले सुराग के आधार पर पटना में इडी की विशेष टीम ने कार्रवाई की है.

इडी की इस कार्रवाई में आयकर विभाग मदद कर रहा है. बताया जा रहा है कि कुछ और शहरों में भी इस तरह के मामले की जानकारी इडी को मिली है. आयकर के सहयोग से इडी की इन शहरों में छापेमारी होगी. दिल्ली में एक्सिस बैंक में छापेमारी के बाद से ही बैंकों की गड़बड़ियों पर जांच एजेंसियों की नजर थी.  रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों को अपने सीसीटीवी फुटेज को संभाल कर रखने को कहा था.