गुप्त बैठक में जब आईबी ने मोदी को देश की हकीकत बताई तो सारे भ्रम दूर हो गए

गुप्त बैठक में जब आईबी ने मोदी को देश की हकीकत बताई तो सारे भ्रम दूर हो गए

खुफिया एजेंसी इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के प्रमुख दिनेश्वर शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा है कि उनको नोटबंदी के देश पर पड़े असर के बारे में कुछ पता ही नहीं है. रिटायरमेंट से 15 दिन पहले मोदी से मिलकर शर्मा ने कहा आप किस दुनिया में हैं, शर्मा ने मोदी के देश की सचाई बताई और बताया कि लोग किस हद तक परेशान और गुस्से में हैं. उन्होंने नोटबंदी के छोटे शहरों, गांवों और दूर दराज इलाकों में पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों के प्रति प्रधानमंत्री को सावधान किया है. शर्मा ने प्रधानमंत्री को बिना किसी लाग लपेट के कहा कि उन तक लोगों की परेशानी से संबंधित पहुंचने वाली फीडबैक भ्रामक और जमीनी हकीकत से दूर हैं. पीएम और आईबी निदेशक के बीच यह बातचीत 7 दिसंबर की एक गोपनीय बैठक में हुई.

इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत  डोभाल, कैबिनेट सचिव पी के सिन्हा, प्रधानमंत्री कार्यालय के मुख्य सचिव नृपेंद्र मिश्र और गृह सचिव राजीव महर्षि शामिल थे. इन सबकी मौजूदगी में शर्मा ने कहा कि जल्दी ही सरकार को कुछ करना होगा वरना हालात हाथ से निकल सकते हैं. उच्चपदस्थ सरकारी सूत्रों के हवाले से ‘अमर उजाला’ने खबर दी है कि दिनेश्वर शर्मा ने पीएम से यह भी कहा कि नोटबंदी को लेकर आमलोग भ्रम की स्थिति में हैं और नए नोटों की करोड़ों की बरामदगी की घटनाओं से ठगा हुआ महसूस करने लगे हैं. आईबी निदेशक ने यह बात देश भर से इकट्ठा की गई रिपोर्ट का आधार पर बताई है. गौरतलब है कि आईबी निदेशक शर्मा 31 दिसंबर को रिटायर हो रहे हैं.

विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक आईबी निदेशक के आगाह करने के बाद स्थिति सामान्य करने के कई कदम उठाए गए हैं. पीएम की 19 दिसंबर  की कानपुर रैली से  पहले रिजर्व  बैंक (आरबीआई) ने उत्तर प्रदेश के लिए 5000 करोड़ रुपये भेजने का निर्देश दिया. ताकि रैली से पहले शहर में थोड़ा माहौल ठीक रहे.