सीएम शिवराज की सिक्योरिटी में लगा था भोपाल जेल का स्टाफ, आधे सिक्योरिटी वाले नेताओँ और अफसरों की सेवा में

सीएम शिवराज की सिक्योरिटी में लगा था भोपाल जेल का स्टाफ, आधे सिक्योरिटी वाले नेताओँ और अफसरों की सेवा में




भोपाल:  भोपाल जेल की आधी सिक्योरिटी अफसरों और मंत्रियों के बंग्लों की सुरक्षा में तैनात थी. इन में खुद मुख्यमंत्री भी शामिल हैं. kNOCKINGNEWS.COM के हाथ में उन सभी कर्मचारियों की लिस्ट लगी है जिन्हें जेल की सुरक्षा से हटाकर कहीं और सेवा में लगा दिया गया था.

सेंट्रल जेल में कैदियों की निगरानी के लिए 160 प्रहरी (गार्ड) हैं. इनमें से 80 सीएम, चीफ सेक्रेटरी, जेल मिनिस्टर, एक्स जेल मिनिस्टर, प्रिंसिपल सेक्रेटरी और डीजी के बंगलों पर तैनात हैं. बता दें कि दिवाली की रात सिमी के आठ आतंकियों के दीवार फांदकर फरार होने और फिर भोपाल से बाहर सभी के एनकाउंटर की घटना के बाद से सेंट्रल जेल चर्चाओं में है.

जेल से बाहर आतंकियों के पास दो बैग देखे जाने की बात भी सामने आ रही है. इस बीच, जेल मंत्री कुसुम महदेले ने कहा, ”मेरे पास सिर्फ दो गार्ड थे. आंकड़े बढ़ा-चढ़ा कर पेश किए जा रहे हैं.” पेशी के दौरान आतंकियों को दी गई रूट मैप की पर्चियां…

जेल के प्रहरी रजिस्टर में साफ तौर पर दर्ज है कि कौन किसकी सर्विस में तैनात है. यह रिकॉर्ड ह्यूमन राइट कमीशन ने मंगाया है. इसके मुताबिक, सबसे ज्यादा 20 प्रहरियों को जेल हेडक्वार्टर और 10 की ड्यूटी प्रिंसिपल सेक्रेटरी जेल विनोद सेमवाल के यहां लगी है. सूत्रों के मुताबिक, ये गार्ड पिछले कई सालों से यह काम कर रहे हैं. एक अफसर ने बताया कि जेल की सिक्युरिटी के लिहाज से गार्डों की इस ड्यूटी पर किसी ने ध्यान नहीं दिया. जेल की सिक्युरिटी की कीमत पर इस सेवा को अघोषित नियम माना गया. गार्डों को वापस बुलाने की जेल एडमिनिस्ट्रेशन ने कभी कोशिश नहीं की. (जेल के कितने गार्ड किसकी सेवा में लगे हैं, इसकी लिस्ट आगे की स्लाइड्स पर है) उधर, जबलपुर हाईकोर्ट ने सिमी मेंबर्स की जमानत की पेंडिंग अर्जियों पर सरकार और एटीएस को एनकाउंटर की रिपोर्ट पेश करने के ऑर्डर दिए हैं. जस्टिस सीवी सिरपुरकर की सिंगल बेंच ने दो हफ्ते की मोहलत दी है