मोदी सरकार देगी कालाधन रखने वालों को राहत, खातों में जमा धन पर टैक्स लगाकर किया जा सकता है सफेद !

मोदी सरकार देगी कालाधन रखने वालों को राहत, खातों में जमा धन पर टैक्स लगाकर किया जा सकता है सफेद !

लगता है कालेधन पर सर्जिकल स्ट्राइक के अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले बुरे असर का अनुमान केन्द्र सरकार ने लगा लिया है. खबर है कि सरकार पैनल्टी लेकर लोगों के कालेधन को सफेद कर सकती है. यानी काला धन रखने वालों के लिए मोदी सरकार जल्द ही राहत की खबर ला सकती है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार रात मंत्रिमंडल की बैठक की है. सूत्रों की खबर के मुताबिक इस बैठक में बैंकों में जमा किए गए अघोषित धन पर 60 फीसदी पैनल्टी लगाकर उसे सफेद बनाने का काम किया जा सकता है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार कैबिनेट ने ये फैसला जन धन योजना के तहत खोले गए जीरो बैलेंस खातों में 21 हजार करोड़ रुपये जमा होने की खबर आने के चलते लिया है. अधिकारियों को आशंका है कि इन खातों के माध्यम से कालाधन सफेद किया गया है. हालांकि कैबिनेट की बैठक के बाद मीडिया को आधिकारिक तौर पर कोई सूचना नहीं दी गई.
संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान औचक रूप से कैबिनेट की ये बैठक बुलाई गई थी. परंपरागत रूप से संसद सत्र के दौरान कैबिनेट के नीतिगत फैसले सार्वजनिक नहीं किए जाते हैं. सूत्रों ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि नोटबंदी की घोषणा के बाद 10 नवंबर से 30 दिसंबर के बीच बैंकों में जमा की गई अघोषित आय पर टैक्स लगाने को प्रतिबद्ध है. सरकार ने नोटबंदी के बाद कई बार कहा है कि कालेधन को सफेद बनाने वाली संदिग्ध जमा राशियों पर सरकारी एजेंसियों की पैनी नजर है.
सूत्रों के अनुसार नरेंद्र मोदी सरकार अघोषित आय पर कार्रवाई करने के लिए संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान आयकर अधिनियम में बदलाव भी कर सकती है. सरकार ने अघोषित आय को घोषित करने के लिए 30 सितंबर तक का समय दिया था. एक बार में ऐसी आय की स्वैच्छिक घोषणा करने वाले कुल अघोषित आय पर 45 प्रतिशत टैक्स देकर बाकी धन सफेद कर सकते थे. माना जा रहा है कि स्वैच्छिक योजना के तहत पैसा न जमा करने वालों को कड़ा संदेश देने के लिए नए कानून में टैक्स की सीमा 45 प्रतिशत से ज्यादा रखेगी. सूत्रों के अनुसार यह नई टैक्स दर करीब 60 प्रतिशत हो सकती है.
सूत्रों के अनुसार सरकार जन धन खातों में जमा बेनामी जमा पर शिंकजा कसने के लिए पूरी तरह तैयार है. सूत्रों का यह भी कहना है कि सरकार सोना रखने की सीमा भी निर्धारित कर सकती है. हालांकि ये स्पष्ट नहीं है कि कैबिनेट बैठक में सोना जमा करने के बारे में कोई चर्चा हुई या नहीं.