ये है आज़ादी बीजेपी स्टाइल, एक महिला की आवाज़ दबाने के लिए जुट गया पूरा सिस्टम, महिला पुलिसकर्मी को गालियां !

ये है आज़ादी बीजेपी स्टाइल, एक महिला की आवाज़ दबाने के लिए जुट गया पूरा सिस्टम, महिला पुलिसकर्मी को गालियां !

नई दिल्ली: एक तरफ वो नेता है जिनके मुंह पर अक्सर स्याही भी पोत दी जाती है तो वो माफ कर देते हैं. पी चिदंवरम् पर जूता उछालने वाला भी कभी प्रताड़ित नहीं किया गया दूसरी तरफ लोकतंत्र का ये पहलू भी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भटिंडा में रैली के दौरान एक महिला मोदी से कुछ कहना चाहती थी. लेकिन उसका मुंह पंजाब की पुलिस और बीजेपी अकाली समर्थकों ने बंद कर दिया. हुआ ये कि  पीएम मोदी 926 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाले अखिल भारतीय चिकित्‍सा विज्ञान संस्‍थान(एम्‍स) के शिलान्‍यास के बाद बोल रहे थे. जब मोदी कैशलैस व्‍यवस्‍था से गरीबों को होने वाले फायदे के बारे में बता रहे थे तभी गुरजिंदर कौर नाम की एक महिला चिल्‍ला पड़ी. उन्‍होंने कहा, ”यह सब झूठ है.”इसके सात ही तुरंत ही शिरोमणि अकाली दल के समर्थक गुरजिंदर के सामने खड़े हो गए और बैनर लहराने लगे. उन्‍होंने ‘पंजाब सरकार जिंदाबाद’ के बैनर लहराए. इसके बाद महिला पुलिसकर्मी महिला को पकड़कर बाहर ले गए. पुलिस ने महिला का मुंह जकड़ लिया ताकि वो मीडिया से बात न कर सके .

गुरजिंदर कौर को पुलिस गाड़ी में बैठाकर ले गई और प्रधानमंत्री के जाने के बाद ही छोड़ा. भटिंडा की एसएसपी स्‍वप्‍न शर्मा ने बताया कि गुरजिंदर चिटफंड कंपनी में पैसा बर्बाद होने से परेशान थी. इस घटना के कुछ देर बाद ही मोदी ने अपना भाषण समाप्‍त कर दिया. वे इस संबंध में पंजाब के डिप्‍टी सीएम सुखबीर सिंह बादल को कुछ कहते दिखे. मोदी खुश नजर नहीं आ रहे थे. वहीं मुख्‍यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर हंसते हुए दिखे.

इधर, एक अन्‍य मामले में हेड कांस्‍टेबल कंवलजीत सिंह ने गेट पर पंजाब के मंत्री सिकंदर सिंह मलूका को रोक दिया. कंवलजीत ने बताया कि इस पर मंत्री ने उन्‍हें गालियां दी. उन्‍होंने आरोप लगाया कि मंत्री के ड्राइवर ने उनके ऊपर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश भी की और उनके समर्थकों ने दुर्व्‍यवहार किया. इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर किया गया. हालांकि जब मलूका से इस बारे में पूछा गया तो उन्‍हें अज्ञानता जाहिर की. उन्‍होंने कहा कि इस बारे में उन्‍हें कुछ पता नहीं. पुलिसकर्मी उनका नाम क्‍यों ले रहा है इस बारे में वे नहीं जानते. पंजाब कांग्रेस ने मामले की जांच की मांग की है.