बेटे की तलाश में भटक रही बूढ़ी मां पर दिल्ली पुलिस का जुल्म, सड़कों पर घसीटा

बेटे की तलाश में भटक रही बूढ़ी मां पर दिल्ली पुलिस का जुल्म, सड़कों पर घसीटा

नई दिल्ली : दो दिन हुए दिल्ली में एक सैनिक की लाश का पोस्ट मार्टम हो रहा था तो उसी समय दिल्ली की पुलिस उसके बेटे को थाने में पीट रही थी. शव का पोस्टमॉर्टम हो रहा था और बेटा बाहर नहीं था. दो दिन बाद पुलिस की फिर से बेरहमी सामने आई  है. जेएनयू के लापता छात्र नजीब अहमद का पता लगाने की मांग को लेकर धरने पर बैठी उसकी बूढ़ी और बीमार मां को और परिवार के दूसरे लोगों के साथ पुलिस ने रविवार को बदसलूकी की और काफी दूर तक उन्हें घसीट कर ले गई.

जेएनयू के छात्रों ने इस सिलसिले में इंडिया गेट के पास धरने का एलान किया था लेकिन पुलिस ने वहां धारा 144 लगा दी ताकि छात्र जमा न हो सकें.  नजीब की मां को पुलिस घसीट कर वहां से ले गई और हिरासत में ले लिया हालांकि बाद में मायापुरी ले गए.

नजीब के परिवार के साथ ज्यादतियों की ख़बर सुनकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी मायापुरी थाने पहुंच गए. नजीब अहमद 23 दिन से लापता है. उसका पता लगाने के सिलसिले में धरना देने गए कई छात्रों को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया. आरोप है कि नजीब की पिटाई एबीवीपी के लोगों ने वार्डन के सामने ही थी और उसके बाद ही वो लापता है. पुलिस मारपीट वाले छात्रों से 20 दिन बाद पूछताछ के लिए तैयार हुई वो भी खानापूर्ति करके छोड़ दिया.

इससे पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को कहा कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आश्वासन दिया है कि विश्वविद्यालय के लापता छात्र के बारे में वह गृह मंत्रालय और जेएनयू प्रशासन से रिपोर्ट मांगेंगे. उन्होंने बाद में ट्वीट किया, ”जेएनयू के लापता छात्र नजीब के लापता होने के मामले में उनके हस्तक्षेप का अनुरोध करते हुए माननीय राष्ट्रपति महोदय से मुलाकात की. उन्होंने सभी समर्थन का आश्वासन दिया और कहा कि वह दिल्ली गृह मंत्रालय और जेएनयू से रिपोर्ट मांगेंगे.”

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति से मुलाकात की. इसके बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति को मामले से अवगत कराया. उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि दिल्ली पुलिस ने ‘राजनीतिक दबाव’ के कारण मामले में कोई कार्रवाई नहीं की.

केजरीवाल ने कहा, ”नजीब के साथ झड़प में जो लोग शामिल थे, उनसे पुलिस ने शनिवार को पूछताछ की, छात्र के लापता होने के 22 दिन बाद. वह भी सिर्फ एक औपचारिकता थी. हमने राष्ट्रपति को मामले से अवगत कराया है. उन्होंने हमें आश्वस्त किया है कि वह दिल्ली पुलिस और जेएनयू से इस संबंध में रिपोर्ट मांगेंगे.”