नोटबंदी से ठीक पहेल बीजेपी ने जमकर खरीदीं ज़मीनें, जानिये किसके थे साइन

फोटो सौजन्य कैच न्यूज़

नई दिल्ली : जैसे नये खुलासे हो रहे हैं वैसे-वैसे बेजपी के साथ साथ पार्टी नोटबंदी की सीक्रेसी की भी हकीकत सामने आ रही है. हाल ही में न्यूज वेबसाइट कैच न्यूज ने खुलासा किया है कि नोटबंदी से ठीक पहले नवंबर के पहले हफ्ते में तक बीजेपी ने बिहार एवं अन्य जगहों पर करोड़ों रुपये की जमीनें खरीदीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर को 500 और 1000 के नोटों को बंद करने की घोषणा की थी। उससे से ठीक पहले के हफ्ते में ये खरीददारी हुई

रिपोर्ट के अनुसार बीजेपी अगस्त 2016 से ही देश के अलग अलग हिस्सों में जमीन खरीद रही थी। वेबसाइट ने जमीन खरीद के कुछ दस्तावेज भी दिखाए हैं. आरोप है कि बीजेपी ने ये संपत्तियां अपने कार्यकर्ताओं के जरिए खरीदीं । इनमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की ओर से पार्टी के सीनियर कार्यकर्ता और विधायकों को सिग्नेटरी बनाया गया है. इसका मतलब ये है कि अमित शाह तो इस खरीद की पूरी जानकारी थी, बल्कि वो इस प्रक्रिया की देखरेख भी कर रहे थे. वेबसाइट ने दावा किया है कि जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़े ये दस्तावेज बिहार सरकार की भूमि जानकारी संबंधी वेबसाइट पर भी उपलब्ध हैं।

बिहार के बीजेपी विधायक संजीव चौरसिया ने भी इस वेबसाइट से बातचीत में स्वीकार किया है कि पार्टी ने बिहार के साथ ही देश भर में जमीनें खरीदी हैं। चौरसिया ने दावा किया कि ये जमीनें पार्टी कार्यालय और पार्टी के तमाम दूसरे कामों के लिए ली गई हैं। चौरसिया ने कैच न्यूज से कहा, “सब जगह खरीदा जा रहा था। बिहार के साथ और भी जगह जमीन खरीदा जा रहा है… हम लोग तो सिर्फ सिग्नेटरी अथॉरिटी हैं, पैसा तो पार्टी की तरफ से आया था…सारी जमीन खरीदी है पार्टी कार्यालय के लिए और अन्य कामों के लिए। नवंबर के फर्स्ट वीक तक जमीन खरीदी है।’

यह पूछे जाने पर कि खरीदारी नगद हुई या चेक के जरिए? चौरसिया ने कहा, “पार्टी का काम एक नंबर से होता है। उसका तरीका अलग-अलग होता है. पर नगद लेनदेन नहीं हुआ होगा।” बीजेपी के एक अन्य नेता और सिग्नेटरी लाल बाबू प्रसाद ने बिहार के एक स्थानीय चैनल से बातचीत में स्वीकार किया है कि उन लोगों ने जमीनें नगद पैसे से खरीदी हैं, इसके लिए पार्टी कार्यकर्ताओं ने चंदा दिया है। रिपोर्ट के अनुसार बीजेपी द्वारा खरीदी गई जमीनों की रकबा आधा एकड़ से 250 वर्गफीट के बीच है। इनकी कीमत 8 लाख से 1.16 करोड़ के बीच है। सबसे महंगी जमीन करीब 1100 रुपए प्रति वर्ग फीट की दर से खरीदी गई है। कुछ मामलों में भाजपा खुद ही खरीददार पार्टी है और पता 11 अशोक रोड दर्ज है।

रिपोर्ट आते ही अब तक नरेंद्र मोदी सरकार के नोटबंदी का समर्थन कर रही जद(यू) ने ट्वीट करके कहा कि इस रिपोर्ट से साफ हो गया है कि नोटबंदी के बारे में बीजेपी नेताओं को पहले से पता था। वहीं राहुल गांधी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से कहा गया, “नोटबंदी की पूरी तैयारी थी!” आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करके कहा, “ये स्तब्ध कर देने वाला है। बीजेपी ने अपना पैसा ठिकाने लगा लिया। शर्मनाक।” आम आदमी पार्टी के नेता आशुतोष ने नोटबंदी को बड़ा घोटाला बताते हुए इसकी जांच की मांग की। आशुतोष ने ट्वीट किया, “ये बड़ा घोटाला है। इसकी जांच होनी चाहिए। अमित शाह की भूमिका की जांच होनी चाहिए। मोदी भी इसमें शामिल हैं।”

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