JNU के नाम पर दंगा करवाने की कोशिश, ABVP ने पेश किया भड़काऊ लेटर

JNU के नाम पर दंगा करवाने की कोशिश, ABVP ने पेश किया भड़काऊ लेटर

नई दिल्ली: जेएनयू के छात्र नजीब के लापता होने पर गंदी सांप्रदायिक राजनीति शुरू हो गई है. संघ परिवार के छात्र संगठन एबीवीपी के नेता और JNU के पूर्व ज्वाइंट सेक्रेट्री सौरभ शर्मा को शुक्रवार (21 अक्टूबर) को अजीब सा दावा किया. उन्होंने कहा कि उन्हें धमकी भरा खत मिला। सौरभ का दावा है कि धमकी भरा खत उनके झेलम हॉस्टल के कमरे पर मिला। सौरभ के मुताबिक खत में उन्हें को ‘टुकड़ों में काटने’ की बात कही गई। सौरभ ने बताया, ‘मुझे सुबह एक खत मिला। उसमें पश्चिम बंगाल की हिंसा का जिक्र था। खत में मुझे किसी भी मुसलमान को छूकर दिखाने की धमकी दी गई। लिखा था कि नजीब वापस आए या ना आए मुझे टुकड़ों में काट दिया जाएगा। मुझे ऐसे पत्र पहले भी मिलते रहे हैं लेकिन मैं अपनी राष्ट्रवादी सोच पर फिर भी टिका रहूंगा।’ पत्र स्पीड पोस्ट के जरिए भेजा गया था। उसपर शाहिद खान नाम लिखा हुआ था। शाहिद का पता जहांगीर पुरी लिखा है। साथ में एक मोबाइल नंबर भी है।

सौरभ वर्मा ने जो लेटर मिलने का दावा किया है उसमें लिखा है कि – ‘सौरभ वर्मा, लगता है तुमने पश्चिम बंगाल से कुछ सबक नहीं लिया जहां हमारे लड़के तुम्हारे समुदाय के लोगों को काट रहे हैं। तुमने मुसलमान को छूने की हिम्मत कैसे की? नजीब वापस मिले ना मिले लेकिन हम तुम्हें ढूंढकर एबीवीपी और पूरे जेएनयू को आग लगा देंगे। उस वक्त के आने तक इंतजार करो।’

गौरतलब है कि जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी में पढ़ने वाला छात्र नजीब अहमद शनिवार से लापता है। शनिवार को उसकी और कुछ छात्रों के बीच किसी बात को लेकर लड़ाई हुई थी। उसके बाद से ही नजीब अहमद गायब है। वसंतकुंज थाने में इसको लेकर अपहरण,जबरन बंधक बनाने का मामला दर्ज किया गया है। नजीब की मां ने कहा उन्हें अपना बेटा वापस चाहिए और आरोप लगाया कि प्रशासन उनके प्रति बहुत ‘‘असंवेदनशील’’ है। जेएनयू प्रशासनिक ब्लॉक के बाहर बैठीं फातिमा नफीस ने रोते हुए संवाददाताओं से कहा था, ‘‘मुझे मेरा बेटा लौटा दो। मैं किसी के खिलाफ किसी कार्रवाई की मांग नहीं करूंगी। मुझे सिर्फ वह वापस चाहिए और एक बार वह मुझे मिल गया तो मैं चली जाउंगी।’’

जेएनयू के प्रशासनिक ब्लॉक के बाहर विद्यार्थी कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। फातिमा ने कहा, ‘प्रशासन ने परिसर से उसके लापता होने की सूचना हमें नहीं दी। मैं आयी और खुद पुलिस के पास गयी। हम जबरन कुलपति के कार्यालय में घुसे जहां उन्होंने कहा कि वह अपना सर्वोत्तम प्रयास कर रहे हैं। वह हमारे प्रति बहुत असंवदनशील रहे हैं।’