उत्तर कोरिया के तानाशाह की करतूत से आया भूकंप, 5.3 तीव्रता के कृत्रिंम भूकंप से पूरा क्षेत्र हिला

उत्तर कोरिया के तानाशाह की करतूत से आया भूकंप, 5.3 तीव्रता के कृत्रिंम भूकंप से पूरा क्षेत्र हिला

उत्तर कोरिया पर के तानाशाह किम जोंग ने एक बार फिर दुनिया को सोचने पर मजबूर कर दिया है. कल उत्तर कोरिया में 5.3 तीव्रता का भूकंप आया. माना जा रहा है कि ये किम जोंग के परमाणु परीक्षण करने से आया है. माना जा रहा है कि उत्तर कोरिया का स्थापना दिवस होने के कारण उसने परीक्षण के लिए ये दिन चुना. अमेरिका किम जोंग के खिलाफ लगातार प्रतिबंध लगाता रहा है . उसके बाद से माना जा रहा था कि जोंग ने अमेरिका के खिलाफ आर-पार की तैयारी कर ली है. वो बदला लेने पर आमादा है अमेरिकी पाबंदियों के के खिलाफ किम जोंग ने जंग का ऐलान कर दिया है और इस लड़ाई में अमेरिका को मात देने के लिए उसने तरह-तरह के हथियारों का परीक्षण शुरू कर दिया .

किम जोंग इतनी जल्दी में है कि उसने पनडुब्बी से मिसाइल दागने की तकनीक डेवलप करने में अपने वैज्ञानिको को बिना तैयारी के ही परीक्षण में लगा दिया . उसके वैज्ञानिक सबमरीन लॉन्चड बैलिस्टिक मिसाइल को पूरी तरह से तैयार नहीं कर पाए थे कि उसने उनका परीक्षण शुरू कर दिया. नतीजा ये कि उसके ज्यादातर मिसाइल फेल हुए .

बृहस्तपतिवार के भूकंप केबाद  दक्षिण कोरिया का कहना है कि उत्तर कोरिया पांचवें परमाणु परीक्षण के कारण ही भूकंप आया होगा. दक्षिण कोरिया के प्राधिकारियों की यह टिप्पणी उत्तर कोरिया के प्युंग्यी-री परमाणु परीक्षण स्थल पर 5.3 तीव्रता के भूकंप का पता चलने के बाद आई है. उत्तर कोरिया आज अपना स्थापना दिवस भी मना रहा है. देश की स्थापना वर्ष 1948 में हुई थी.

योनहैप समाचार एजेंसी के अनुसार, सोल की मौसम एजेंसी ने यह भी कहा कि अमेरिका और यूरोप सहित दुनिया भर में भूकंप की जांच करने वालों ने जिस भूकंप का पता लगाया है वह ‘संभवत: उत्तर कोरिया का पांचवां परमाणु परीक्षण’ था.

एजेंसी के अनुसार, दक्षिण कोरिया की मौसम एजेंसी के एक अधिकारी ने बताया, ‘उत्तर कोरिया में 5.0 तीव्रता का कृत्रिम भूकंप आया जो संभवत: परमाणु परीक्षण था’. एक अन्य अज्ञात अधिकारी ने एजेंसी को बताया ‘इस बात की अधिक संभावना है कि जगह और भूकंप की तीव्रता को देखते हुए यह परमाणु परीक्षण लगता है’. सोल की सेना ने यह भी कहा कि वह भूकंप की प्रकृति का विश्लेषण कर रही है.

उत्तर कोरिया ने अपना पहला परमाणु परीक्षण वर्ष 2006 में किया था, जिसके बाद संयुक्त राष्ट्र उस पर पांच बार प्रतिबंध लगा चुका है. विश्व निकाय के प्रतिबंधों की अवज्ञा करते हुए उत्तर कोरिया ने इस साल कई मिसाइल परीक्षण भी किए हैं.

उत्तर कोरिया ने सोमवार को उस समय तीन बैलिस्टिक मिसाइलों का भी परीक्षण किया, जब विश्व शक्ति माने जाने वाले देशों के नेता जी20 शिखर सम्मेलन के लिए चीन में एकत्र हुए थे. बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षणों को उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने ‘बिल्कुल सही’ बताया, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने चेताया था कि इन परीक्षणों से दबाव बढ़ेगा.

जापान की मौसम एजेंसी के अधिकारी ने बताया कि भूगर्भीय आंकड़ा असामान्य है और वह उसका विश्लेषण कर रहा है.

सरकारी प्रसारक एनएचके के मुताबिक, एक अधिकारी ने बताया ‘जिस तरह की तरंगे उठीं, वह सामान्य भूकंप की तरंगों से अलग हैं’. उत्तर कोरिया के प्रमुख सहयोगी चीन के लिए यह परमाणु परीक्षण एक अन्य झटका है. साथ ही इससे उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम पर छह देशों की वार्ता बहाल होने की संभावना भी धूमिल हो गई है.

वर्ष 2013 में किए गए परमाणु परीक्षण के बाद उत्तर कोरिया ने एक प्लूटोनियम रिएक्टर फिर से चालू कर लिया था. उत्तर कोरिया ने योंगबयोन परिसर में स्थित यह रिएक्टर वर्ष 2007 में निरस्त्रीकरण के लिए सहायता समझौते के तहत बंद कर दिया था.