शर्म से सिर झुका देगा आर्मी का ये कारनामा

शर्म से सिर झुका देगा आर्मी का ये कारनामा




सोशल मी़डिया पर अक्सर फौजियों को सलाम करने , उनकी वीरता के किस्से और दूसरी तस्वीरें छायी रहती हैं लेकिन हम आपको दिखा रहे हैं फौजियों का ये दूसरा रूप जिसे देखकर आपकी रूह कांप जाएगी. उन्होंने ट्रेन में यात्रियों को पीटा, महिलाओं से अभद्रता की  उनकी सींटें हथिया लीं और पुलिस और मीडिया से भी बदसलूकी की.photo20581756058479200344062

कानपुर से दिल्ली जा रही कालिंदी एक्सप्रेस में सोमवार रात सेना के जवानों ने जमकर तांडव किया। चार आरक्षित कोचों में सवार यात्रियों को नीचे बैठा दिया और सीटें कब्जा लीं। डेढ़ सौ फौजियों ने कई यात्रियों को पीटा और महिलाओं से भी अभद्रता की। सूचना पर पहुंची पुलिस और जीआरपी के सामने मीडियाकर्मी की पिटाई कर कैमरा छीन लिया। पुलिस केवल मूकदर्शक बनी रही। 25 मिनट ट्रेन को स्टेशन पर रोकने के बाद रवाना किया गया।
कोबरा पोस्ट की खबर के अनुसार, सोमवार रात लगभग नौ बजे कालिंदी एक्सप्रेस फतेहगढ़ पहुंची। यहां से फतेहगढ़ 114 टीए इंफेंट्री बटालियन के डेढ़ सौ से अधिक सेना के जवान कोच संख्या एस-1 से लेकर एस-4 में घुसे और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए यात्रियों को सीटों से उतारना शुरू कर दिया। जिसने विरोध किया, उसे जमकर पीटा। जवानों ने सभी यात्रियों को नीचे बैठाकर सीटों पर कब्जा कर लिया।
आरोप है कि कई जवान नशे में थे। इसी बीच एक यात्री ने जीआरपी को सूचना देते हुए मदद मांगी। ट्रेन के रात 10.35 बजे मैनपुरी स्टेशन पहुंचने से पहले बड़ी संख्या में पुलिस और जीआरपी प्लेटफार्म पर पहुंच गई। ट्रेन रुकने पर जवान कोच से बाहर निकले और यात्रियों से फिर जमकर अभद्रता की। हंगामे की फोटो खींच रहे मीडियाकर्मी को पकड़कर पीटा और कैमरा छीन लिया। किसी तरह उसने भागकर जान बचाई। जवान उपद्रव करते रहे और पुलिस व जीआरपी मूकदर्शक बनी रही। केवल कोच में चेकिंग की औपचारिकता निभाने के बाद ट्रेन को रवाना कर दिया गया।
थानाध्यक्ष जीआरपी अरुण कुमार ने बताया कि यात्रियों से जमकर बदसुलूकी की गई। उन्हें जबरन नीचे बैठाया गया, लेकिन किसी यात्री ने लिखित शिकायत नहीं की, न ही कोई बोलने को तैयार था। इसलिए कार्रवाई नहीं की जा सकी। उन्होंने बताया कि छानबीन में पता चला है कि जवान 114टीए इंफेंट्री बटालियन के थे और उनके कमांडर सूबेदार सिंह थे। हमने जवानों के उपद्रव का वीडियो बना लिया है। रेलवे के उच्चाधिकारियों को भी पूरी रिपोर्ट दी गई है। मीडिया कर्मियों की तहरीर पर मामला दर्ज किया जा रहा है।