खुलासा : ढाका का हीरो नहीं आतंकवादियो का साथी था फराज़? वीडियो देखिए, पढ़िए पूरी खबर?

खुलासा : ढाका का हीरो नहीं आतंकवादियो का साथी था फराज़? वीडियो देखिए, पढ़िए पूरी खबर?




पिछले तीन-चार दिनों से सोशल मीडिया पर बांग्लादेश के  ढाका के  फराज़ नाम के नौजवान को हीरो बनाकर पेश किया जा रहा है . लेकिन बांग्लादेश की पत्रिका “दैनिक निरपेक्ष” का दावा है कि  ढाका की गुलशन होली आर्टीजन बेकरी में हुए आतंकवादी हमले का हीरो  फ़राज़ अयाज हुसैन हीरो नहीं, बल्कि आतंकवादियों में से ही एक था.

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पत्रिका के मुताबिक फराज़ ट्रांसकॉम ग्रुप के चेयरमैन लतिफ्फुर रहमान का नाती था. पत्रिका ने आतंकवादी निब्रस इस्लाम के साथ उसकी तस्वीर को साझा करते हुए कहा कि मौका-ए-वारदात से ढेर हुए आतंकवादियों की पहली तस्वीर में अन्य आतंकियों की लाश के साथ फ़राज़ की लाश को भी दिखाया गया था पर बाद की सभी तस्वीरों में फ़राज़ की जगह रेस्त्रां के शेफ की लाश दिखाई गई.

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बेकरी से प्राप्त वीडियो में भी फ़राज़ को सफेद केड्स में देखा गया है और वह पहली तस्वीर, जिसमें उसकी लाश अन्य आतंकियों के साथ थी, उसमें भी फ़राज़ के नाम से चिन्हित नौजवान को सफेद केड्स में ही देखा गया. बाद में फराज़  की  जगह शेफ के कपड़ों  में एक  व्यक्ति की लाश दिखाई गयी. शेफ का नाम सैफुल बताया जा रहा है.

पत्रिका के मुताबिक सैफुल को भी आतंकी बताया जा रहा है जबकि वह आतंकी नहीं है. पत्रिका के मुताबिक़ फ़राज़ के नाना की पत्रिका “प्रोथोम आलो” ने उसे हीरो बनाया है और उनके रसूख के कारण ही फ़राज़ का नाम छुपाया जा रहा है!! आतंकी निब्रस के साथ फराज़ की तस्वीर को देखकर कयास लगाया जा रहा है कि उन दोनों की दोस्ती पुरानी है और इसलिए फराज़ भी इस हमले में शामिल हो सकता है.

शुक्रवार को हुए इस आतंकी हमले में कुल तीन  बांग्लादेशी मारे गए थे. सेना की कार्यवाही के बाद 5 आतंकियों के मारे जाने और एक आतंकी के आहत होने की खबर आई थी. अभी इस मामले की छानबीन चल रही है और कई अन्य जानकारियों का सामने आना बाकी .

क्या हुआ था ढाका में

– शुक्रवार रात ढाका के पॉश इलाके गुलशन डिप्लोमैटिक जोन के एक रेस्टोरेंट में ‘अल्लाह-हू-अकबर’ का नारा लगाते हुए आतंकियों ने कई लोगों को बंधक बनाया था.
– इनमें से आयतें सुनाने वाले 18 लोगों को छोड़ दिया था. जबकि 20 लोगों को मार डाला था. इनमें एक भारतीय लड़की तारिषी भी दी.
– ये सभी विदेशी थे. ज्यादातर इटली और जापान के थे.  हमले के 10 घंटे बाद 100 कमांडोज ने 9 में से 6 आतंकियों को मार गिराया.
– एक मौके से ही पकड़ा गया.