‘अमितशाह लिखते थे ओवैसी के भाषण’ शाह के ‘सीनियर’ ने किया खुलासा

‘अमितशाह लिखते थे ओवैसी के भाषण’ शाह के ‘सीनियर’ ने किया खुलासा

बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह पर ये बड़ा आरोप किसी ऐरे गैरे ने नहीं लगाया है . आरोप लगाने वाले गुजरात में बीजेपी के बड़े नेता और नामी वकील है, किसी समय अमितशाह उनसे जूनियर हा करत थे. यहां  हम आपको वो पूरी चिट्ठी भी दिखाएंगे जिसमें उन्होंने अमित शाह के बारे में ये खुलासे किए हैं.

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ये चिट्ठी आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल को लिखी गई है. चिट्ठी में कहा गया है कि बिहार चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी और अमित शाह की बीच सुबह 3 बजे ओवैसी के घर बैठक हुई और चिट्ठी लिखने इस बैठक में मौजूद था .

इस बीजेपी के अमित शाह के सीनियर रहे शख्स के मुताबिक, वहीं पर तय हुआ कि ओवैसी मुस्लिम इलाके में अपने कैंडिडेट उतारेंगे. ये भी तय हुआ कि ‘हम लिख के देंगे, तुम बोलना’. मतलब शाह का दिमाग और ओवैसी की बोली. और बोली माने जहर उगलना. जैसे हिंदुस्तान-पाकिस्तान, हिन्दू-मुस्लिम खूब लेह-देह. ‘जाएंगे पाकिस्तान, ले जाएंगे ताजमहल’ टाइप का. ये हम इमेजिन कर रहे हैं. वरना लोग और बुरा बोलते हैं.

चिट्ठी लिखने वाले शख्स का नाम यतिन ओझा है. यतिन कोई ऐरे-गैरे आदमी नहीं हैं वे 1996 में गुजरात विधानसभा का चुनाव लड़ रहे थे तो अमित शाह ओझा की हैसियत उनके ‘पोलिंग एजेंट’ की होती थी.

अभी यतिन गुजरात हाई कोर्ट में सीनियर एडवोकेट हैं. साथ ही गुजरात हाई कोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन के प्रेसिडेंट भी. ओझा सिर्फ 39 साल की उम्र में सीनियर एडवोकेट बन गए थे. गुजरात हाई कोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन के 16 बार प्रेसिडेंट रह चुके हैं. इसीलिए इनकी बात को हल्के में भी नहीं लिया जा सकता.

पहले ओझा बीजेपी से MLA थे. 2001 में बीजेपी के बड़े नेता केशुभाई पटेल टकराव  के कारण पार्टी छोड़  कांग्रेस में चले गए. 2002 में मोदी के खिलाफ ही लड़े और हार गए. बाद में 2007 में दोबारा बीजेपी में वापस आए और नरेंद्र मोदी के करीबी माने जाने लगे. मोदी के सपोर्ट में टीवी पर खूब बहस भी किया करते थे.

पर हाल में ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस टी एस ठाकुर को चिट्ठी लिखी थी. कि गुजरात हाई कोर्ट के दो जज एम आर शाह और के एस झावेरी मोदी और शाह की चापलूसी कर रहे हैं. हाई कोर्ट के खिलाफ भी काफी कान भरे थे. नतीजा, हाई कोर्ट में ‘कंटेम्प्ट ऑफ़ कोर्ट’ का केस चल रहा है.

कुछ दिन पहले यतिन अरविन्द केजरीवाल से मिले थे. मिलने के बाद बोले: ”हम तो ऐसे ही केजरीवाल से मिले थे. ऑफिशियल मीटिंग नहीं थी. पर आप समझ लीजिये कि हम अब आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता हैं.” फिर बोले कि मोदी को कोर्ट पर दबाव बनाने और करप्शन पर घेरना है.