चिंता न करें मोबाइल नंबर 13 अंकों के नहीं होंगे, ये मीडिया की रिपोर्ट गलत है, असल खबर यहां है

चिंता न करें मोबाइल नंबर 13 अंकों के नहीं होंगे, ये मीडिया की रिपोर्ट गलत है, असल खबर यहां है

घबराएं नहीं आपके मोबाइल का नंबर 13डिजिट का होने नहीं जा रहा है. हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा था कि नये मोबाइल नंबर अब 13 अंकों के होंगे. लेकिन ये जानकारी गलत है. मीडिया के लोगों ने संचार विभाग यानी डॉट यानी डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम की रिपोर्ट का गलत मतलब निकाल लिया और ये खबर छाप दी.

दर असल 13 अंकों का नंबर मशीन टू मशीन मोबाइल सेवाओं पर लागू होगा. जैसे क्रेडिट कार्ड की पीओएल मशीन, बिजली का मीटर, कार  बगैरह

भारती टेलीकॉम,रिलायंस जियो, सेल्युलर ऑपरेटर एसोसिएशन के हवाले से टाइम्स ऑफ इंडिया डिजिटल ने खबर दी है कि हम जो मोबाइल नंबर इस्तेमाल करते हैं वो 10 डिजिट के ही रहेंगे.

मशीन टू मशीन यानी M2M नंबर भी अभी नहीं बदलेंगे बल्कि इन मशीनों के नंबर भी एक अक्टूबर से बदलना शुरू होंगे. और 31 दिसंबर तक ये सिलसिला चलेगा.

हां सभी नए एमटूएम नंबर 1 जुलाई से 13 डिजिट के होंगे.

इससे पहले मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा था कि 1 जुलाई 2018 से मोबाइल के नंबर 13 अंकों के हो गए हैं. इसके बाद नया नंबर लेने वाले ग्राहकों को 13-अंकों का मोबाइल नंबर दिया जाएगा. इसके लिए तैयारी भी लगभग पूरी हो चुकी है. सरकार ने इसके लिए सभी राज्यों को निर्देश जारी कर दिए हैं.

आपको बता दें कि भारत में मोबाइल इंटरनेट यूजर्स की संख्या जून तक 47.8 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है. इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आईएएमएआई) और कंटार-आईएमआरबी द्वारा संयुक्त रूप से प्रकाशित रिपोर्ट में बताया गया है कि 2017 के दिसंबर तक मोबाइल इंटरनेट यूजर्स की संख्या 17.22 फीसदी बढ़कर 45.6 करोड़ यूजर्स तक पहुंच गई. इस रिपोर्ट में देश में मोबाइल इंटरनेट की लोकप्रियता को दर्शाया गया है, जो कि किफायती होने के कारण लोकप्रिय हो रही है. रिपोर्ट में कहा गया है कि शहरी भारत में साल-दर-साल अनुमानित वृद्धि दर 18.64 फीसदी रही, जबकि ग्रामीण भारत में इसी अवधि (दिसंबर 2016 से दिसंबर 2017) के दौरान अनुमानित वृद्धि दर 15.03 फीसदी रही है.

 

पहली बार नहीं बदल रहे हैं नंबर

आपको बता दें ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है जब दूरसंचार मंत्रालय ने इस तरह का निर्णय लिया गया है. इससे पहले नवंबर 2002 में भी देश के सभी टेलीफोन नंबरों के आगे 2 लगा दिया गया था, जिसकी वजह से सभी टेलीफोन नंबर बदल गए थे. जिसमें दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चैन्नई जैसे महानगरों में इस्तेमाल होने वाले टेलीफोन की संख्या 7 अंकों से बढ़कर 8 अंकों की हो गई थी. वहीं, टीयर टू शहरों के टेलीफोन की संख्या 6 अंकों से 7 अंकों की हो गई थी.

मोबाइल सॉफ्टवेयर भी होंगे अपडेट

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वर्तमान में 10 अंकों के हिसाब से मोबाइल सॉफ्टवेयर बनाया गया है. आने वाले समय में 13 अंकों के हिसाब से मोबाइल सॉफ्टवेयर भी अपडेट किया जाएगा, ताकि यूजर्स को कॉल करने में असुविधा न हो.

Leave a Reply