मोदी की साख बचाने के लिए मीडिया ने बोला बड़ा झूठ, बाद में खुली पोल

मोदी की साख बचाने के लिए मीडिया ने बोला बड़ा झूठ, बाद में खुली पोल

गाजियाबाद : मोदी जी ने जिस 9 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे पर रोड शो किया था और जिस मेरठ दिल्ली एक्सप्रेसवे के नाम पर कई दिन मोदीजी की तारीफों के कशीदे पढ़े गए. उसकी पोल पहली ही बरसात में खुल गई . लेकिन मीडिया ने खास तौर पर एएनआई ने जो खेल खेला उससे एक्प्रेसवे की समस्या को गाज़ियाबाद के एलीवेटेड हाईवे का बताकर रफा दफा कर दिया गया. तस्वीर रोचक थी तो पूरे मीडिया ने उसे तान दिया. मोदी जी बच गए और बदनामी गाज़ियाबाद के एलीवेटे रोड की हो गई.

हुआ ये कि राजधानी में बारिश के बा कई जगहों पर जबरदस्त जल भराव हुआ. इस जल भराव के दौरान मोदी जी की उपलब्धि के तौर पर  देखा जा रहा एनएच24 भी स्वीमिंग पूल बन गया. समाचार एजेंसी एएनआई में किसी ने एक खेल खेला और इस वीडियो को गाजियाबाद एलीवेटेड रोड का बता दिया. गाज़ियाबाद एलीवेटेड रोड अखिलेश यादव के कार्यकाल में बना था. उसका उद्घाटन सीएम योगी ने किया था. जलभराव होते ही सीशल मीडिया पर अखिलेश के खिलाफ पोस्ट  आने लगे. जिसका क्रेडिट योगी ले रहे थे वो ही गलत होने के नाम पर अखिलेश के नाम लिख गया.

जलभराव के वीडियो पर सफाई देने पहुंची गाजियाबाद की जिलाधिकारी रितु माहेश्वरी भी मीडिया के सामने आईं. उन्होंने एलिवेटेड रोड पर पत्रकारों से बातचीत में बताया कि शहर की लाइफ लाइन एलिवेटेड रोड को बदनाम करने की साजिश हो रही है.

गलत वीडियो दिखाया गया

डीएम ने कहा कि चैनलों ने जलभराव का जो वीडियो चलाया था वह गाजियाबाद एलिवेटेड रोड का नहीं था. इसके अलावा रोड के पिलर के पास ढह रही मिट्टी से किसी प्रकार का खतरा नहीं है. एलिवेटेड रोड के पिलर करीब 30 मीटर तक जमीन के नीचे हैं, ऐसे में मिट्टी ढहने के बाद भी रोड पूरी तरह सुरक्षित है.

जीडीए बोला नहीं हुआ जलभराव

जीडीए चीफ इंजीनियर विवेकानंद ने बताया कि एलिवेटेड रोड पर जलभराव का वीडियो वायरल हो रहा है, लेकिन वह वीडियो गाजियाबाद की एलिवेटेड रोड का नहीं है. गाजियाबाद की एलिवेटेड रोड की दीवार पर काली और पीली पट्टी है जबकि वीडियो में काली और सफेद पट्टी दिखाई दे रही है.

हालांकि, एक दिन बाद एजेंसी एएनआई ने वीडियो एनएच-24 का होने की बात कही और असली सड़क की फोटो भी ट्वीट की. ट्वीट में बताया गया है कि यह वीडियो एनएच-24 के पास आईपी एक्सटेशन का था.

हालांकि गाज़ियाबाद का प्रशासन जितनी भी सफाई दे . वो अपनी नाकामी को नहीं छिपा सकता. पूरे गाज़ियाबाद में जल भराव हुआ यहां तक कि पॉश इंदिरापुरम में तो पानी ही पानी भर गया. यह भी सच है कि गुरुवार को एलिवेटेड रोड पर बारी बारिश के चलते वाहन चालकों को सुबह से शाम तक जाम से जूझना पड़ा था. इस दौरान वाहनचालकों ने जमकर गलत दिशा में वाहन दौड़ाए, इससे राजनगर एक्सटेंशन से यूपी गेट का सात मिनट का सफर करीब एक-डेढ़ घंटे में पूरा हुआ. रोड पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी नदारद दिखे, इससे परेशानी और बढ़ गई.

कैसे भरा पानी, डीएम से होगा जवाब-तलब

आयुक्त अनीता सी मेश्रम गाजियाबाद में बनी एलिवेटेड रोड पर हुए जलभराव को लेकर हैरान हैं. आयुक्त का कहना है कि पिलर पर बनी सड़क पर पानी निकासी की पूरी व्यवस्था होती है. ऐसे में इस रोड पर जल निकासी की क्या व्यवस्था है और रोड के निर्माण में मानकों को लेकर भी जांच कराई जाएगी. इस संबंध में गाजियाबाद के जिलाधिकारी से जवाब-तलब किया जाएगा. साथ ही भविष्य में ऐसी कोई दिक्कत सामने न आए, इसको लेकर भी सुधार के निर्देश दिए जाएंगे.

जानें एलिवेटेड रोड को लेकर जीडीए का दावा

यह देश का सबसे लंबा (10.30 किमी) एलिवेटेड रोड है. चंडीगढ़, नोएडा और बेंगलुरू शहर में एलिवेटेड रोड की लंबाई गाजियाबाद से कम है. दिल्ली वालों के लिए इस एलिवेटेड रोड से होकर मेरठ, देहरादून या हरिद्वार जाना अब और आसान हो गया है, क्योंकि इस रास्ते से होकर दिल्ली से मेरठ की दूरी 5 से 7 किलोमीटर कम हो गई है.गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने 1147.60 करोड़ की लागत से निर्माण कराया है. प्राधिकरण का दावा है कि सिंगल पिलर पर बनी छह लेन की यह एलिवेटेड रोड देश में सबसे लंबा है.

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