मोदी ने केजरीवाल को धमकाने जब अजित डोभाल को भेजा, पुस्तक से खुलासा

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को करीब चार साल पहले बाकायदा पीएम मोदी की तरफ से अजित डोभाल ने कड़ी धमकी दी थी. केजरीवाल को कहा गया था कि वो दिल्ली से बाहर निकलने की हिमाकत न करें. अरविंद केजरीवाल को यह कथित धमकी तक सुननी पड़ी कि दिल्ली तक सीमित रहें तो ठीक है, इसके बाहर पंख फैलाने की कोशिश की तो मोदी जी को जानते हैं न.

‘आप: ऐन एंटीपैथी’ शीर्षक के तहत कभी केजरीवाल के बेहद नज़दीक रहे अशुतोष ने ये खुलासा किया है.  उन्होंने लिखा है कि दिल्ली के तत्कालीन लैफ्टीनैंट गवर्नर नजीब जंग और पुलिस प्रमुख बी.एस. बस्सी ने आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ असहयोग छेड़ रखा था. किताब का दावा है कि वह भी तब जब आम आदमी पार्टी की सरकार ने केंद्र सरकार के साथ सहयोग बनाए रखने की हर कोशिश की.

इस सिलसिले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और राज्य एवं केंद्र के बीच सहयोग की बात कही. इसके बाद राष्ट्रपति भवन में आयोजित रात्रिभोज में प्रोटोकॉल के तहत मख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बुलाए गए. वह जहां बैठे थे, उनके ठीक बगल में प्रधानमंत्री के करीबी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एन.एस.ए.) अजीत डोभाल बैठे थे.

परस्पर बातचीत के दौरान डोभाल ने केजरीवाल से कहा कि उन्हें दिल्ली के बाहर अपने पंख नहीं पसारने चाहिएं. डोभाल ने कहा कि हमारी सरकार या पार्टी को तब तक कोई दिक्कत नहीं है, जब तक तुम दिल्ली की सीमा के भीतर हो. इसके बाहर निकलने की कोशिश की तो मोदी जी को जानते हो.

यह वक्त था, 2015 मई का, जब दिल्ली में भाजपा को बुरी तरह हरा कर 67 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत लेकर आम आदमी पार्टी की दिल्ली में सरकार बनी थी. यह मोदी लहर का दौर था और करीब साल पहले ही 2014 में मोदी लहर के सहारे केंद्र में भाजपा नीत एन.डी.ए. की सरकार बन चुकी थी.

लोकसभा चुनाव में राज्य की सभी सातों सीटें जीत चुकी भाजपा के लिए दिल्ली विधानसभा चुनाव में इतनी बुरी हार किसी झटके से कम नहीं थी. इस हार से भाजपा इतनी खिझी कि केजरीवाल सरकार के खिलाफ अपनी पूरी मशीनरी लगा दी. पत्रकार से आम आदमी पार्टी में राजनेता बने आशुतोष ने अपनी नई किताब ‘हिंदू राष्ट्र’ में इस वाकया का जिक्र किया है. ये खबर होली की खबर नहीं है. बल्कि सच्ची खबर है.