मामूली खाना पूर्ति में लटके 25 हज़ार फ्लैट, बायर्स के पैसे लेकर बिल्डर मज़े में

नोएडा-ग्रेटर नोएडा में करीब 25 हजार फ्लैट्स मामूली खानापूर्ति के कारण लटके हुए हैं. बिल्डर्स का कहना है कि ये सभी 25 हजार फ्लैट्स बनकर पूरी तरह से तैयार हैं, लेकिन इनके लिए फायर डिपार्टमेंट का सर्टिफिकेट अभी तक नहीं मिला है.

कुछ बिल्डर्स अभी भी नोएड व ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को बकाया राशि भी नहीं चुकाया है. काॅन्फेडरेशन आॅफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन आॅफ इंडिया (क्रेडार्इ) ने दावा किया है कि कर्इ तरह के बकायों की वजह से इनमें से अधिकतर फ्लैट्स घर खरीदारों को नहीं सौंपे गए हैं.

हालांकि, प्राधिकरण का कहना है कि इनमें से कुछ फ्लैट्स अग्निशमन विभाग से सर्टिफिकेट व कुछ फ्लैट्स बकाए राशि की वजह से अभी भी पेंडिंग हैं. वित्तीय बकाए को लेकर ग्रेटर नोएड प्राधिकरण ने कहा है कि उन बिल्डर्स को पेमेंट की नर्इ तारीख तय कर दी है जिन्होंने इसके लिए अनुरोध किया था.

ग्रेटर नोएड प्राधिकरण के सीर्इआे नरेंद्र भूषण ने कहा, “हमारे पास कुल 130 बिल्डर्स हैं जिन्होंने डिफाॅल्ट किया है. इनमें से 30 बिल्डर्स के अनुरोध पर हमने पेमेंट की नर्इ तारीख तय कर दी है. हालांकि, कर्इ एेसे फ्लैट्स जिनके कम्प्लीशन सर्टिफिकेट हमने अभी तक रोक रखा है, उनमें फायर सेफ्टी या स्ट्रक्चर सुविधाआें के लिए सर्टिफिकेट उपलब्ध नहीं कराया गया है. यदि कोर्इ बिल्डर्स वित्तीय परेशानियों को सामना कर रहा है तो इसके लिए भी अथॉरिटी के पास पास कर्इ विकल्प हैं.”

गौरतलब है कि साल 2018 में नोएडा प्राधिकरण ने करीब 12 हजार फ्लैट्स को सर्टिफिकेट दे दिया है, जबकि ग्रेटर नोएडा ने 40 हजार अपार्टमेंट्स को सर्टिफिकेट दे दिया है. क्रेडार्इ की दिल्ली-एनसीआर र्इकार्इं ने अनुमान लगाया है कि इन दोनों जगहों पर करीब 42 हजार एेसे फ्लैट्स हैं जो कि हैंडआेवर के लिए तैयार हैं. गुरुग्राम की बात करें तो वहां के लिए यह आंकड़ा 15 हजार फ्लैट्स का है. क्रेडार्इ एनसीआर के अध्यच पंकज बजाज ने कहा, “दिसंबर 2019 में नोएडा, ग्रेटर नोएडा एवं गुरुग्राम में करीब 50 हजार फ्लैट्स हैंडआेवर के लिए तैयार हो जाएंगे. रेरा के नियमों के तहत यदि बिल्डर्स ने खरीदारों से पैसे लिए हैं तो उन्हें सही समय पर घर देना होगा.