भारत पहुंचा पहला राफेल विमान, बैंगलौर में लैंडिंग

बहु विवादित राफेल विमान आखिर भारत पहुंच गए हैं. सीएजी रिपोर्ट संसद में पेश होते ही ये विमान भारत आए. बुधवार को तीन राफेल फाइटर प्लेन भारत पहुंचे. तीनों राफेल विमानों ने बेंगलुरू में लैंडिंग की है. इसके अलावा देश-दुनिया के कई और अत्याधुनिक विमान भारत पहुंच रहे हैं.

तीनों राफेल विमान बेंगलुरू में अगले सप्ताह आयोजित होने वाले एयरो इंडिया शो में प्रदर्शित किए जाएंगे. एयरो इंडिया शो के दौरान भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी डिप्टी चीफ एयर मार्शल विवेक चौधरी इस प्लेन में खुद उड़ान भरेंगे.

इस शो के दौरान तीन में से दो राफेल विमान उड़ान भरकर अपनी तकनीक और शक्ति का प्रदर्शन करेंगे, जबकि एक विमान प्रदर्शनी में खड़ा किया जाएगा. बेंगलुरू में आयोजित होने वाले एयरो इंडिया शो में भारत के 44, फ्रांस के 06, यूक्रेन का 01 और यूएस के 06 विमान शामिल होंगे.

राफेल विमान के साथ इसे बनाने वाली फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन की टीम भी बेंगलुरू पहुंच चुकी है. एयरो इंडिया शो में प्रदर्शन से पहले बृहस्पतिवार, 14 फरवीर 2019 को भी राफेल विमान प्रदर्शन से पहले अभ्यास के लिए उड़ान भरेंगे. इस दौरान वायुसेना के कई वरिष्ठ अधिकारी इस विमान को उड़ा सकते हैं. राफेल डील की वजह से इस विमान को लेकर लोगों और सैन्य अधिकारियों में भी खासी दिलचस्पी देखने को मिल रही है. राफेल के लैंड होते ही अधिकारियों व कर्मचारियों में इसकी फोटो खींचने और वीडियो बनाने की होड़ मच गई.

57 विमान शामिल होंगे एयरो इंडिया शो में

ये एयरो इंडिया शो का 12वां संस्करण है, जो बेंगलुरू में वायुसेना के येलाहांका एयर बेस पर 20 से 24 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा. इस एयर शो में राफेल समेत विभिन्न देशों के अत्याधुनिक कुल 57 विमान शामिल होंगे, जिनमें ज्यादातर फाइटर प्लेन ही होंगे. भारत में पिछले कुछ वर्षों से ये एयरो इंडिया शो प्रत्येक वर्ष आयोजित किया जाता है. राफेल विमान ने वर्ष 2011 में एयरो इंडिया शो में पहली बार प्रदर्शन किया था. इसके बाद से ये लगातार शो का हिस्सा बना हुआ है.

राफेल पर विपक्ष के आरोप

मालूम हो कि मौजूदा भारत सरकार ने फ्रांस से 36 राफेल विमानों की डील की है. डील के अनुसार राफेल विमान की पहली खेप सितंबर में भारत पहुंचनी है. वहीं पिछली मनमोहन सरकार ने फ्रांस से 126 राफेल विमानों की डील की थी. कांग्रेस का आरोप है कि मौजूदा सरकार ने, उनकी सरकार से मंहगी कीमतों पर राफेल डील की है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सरकार पर लगातार इस डील में एक खास कंपनी को फायदा पहुंचाने और करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप लगा रहे हैं.

राफेल दो इंजनों वाला मल्टी-रोल विमान है, जो हवा से हवा और हवा से जमीन पर हमला करने की क्षमता रखता है. इसे चौथी पीढ़ी का अत्याधुनिक फाइटर प्लेन बताया जा रहा है. दसॉ एविएशन भारतीय वायु सेना को सितंबर 2019 में राफेल विमान की पहली खेप देगा. राफेल विमानों को पुराने हो चुके रूस के मिग-21 विमानों की जगह वायुसेना में शामिल किया जाएगा. वायुसेना ने मिग-21 विमानों का इस्तेमाल बंद करना शुरू कर दिया है.