कंपनी मना करती है फिर भी आप बच्चों को ठंडा पिलाते हैं, क्यों? हर मां-बाप पढ़े ये लेख

कंपनी मना करती है फिर भी आप बच्चों को ठंडा पिलाते हैं, क्यों? हर मां-बाप पढ़े ये लेख

नई दिल्ली: सिगरेट पर कैंसर की चेतावनी लिखी होती है सब देखते हैं लेकिन कभी ये जाना कि जो ठंडा पेय आप इस्तेमाल करते हैं वो कितना खतरनाक है. क्या आपको ये पता है कि बच्चों के लिए कोल्ड्रिंक पीने की मनाही है और खुद शीतल पेय कंपनियां ये लिखने को मजबूर हैं कि शीतल पेय बच्चों के लिए खतरनाक हैं क्यों कि उनमें एस्पार्टेम और और एससल्फेट पोटेशियम जैसे कैमिकल मिले होते हैं. जब भी आप कोल्डड्रिंक खरीदते हैं तो उनकी कैन पर बाकायदा इन पदार्थों को लेकर चेतावनी लिखी होती है. इनके विज्ञापन में भी ये चेतावनी होती है.

ये पदार्थ जो कि बच्चों की ज़िंदगी बरबाद भी कर सकते हैं. कोला में मिलाए गए ऐसे स्वीटनर में एस्पार्टेम को लें तो वो बेहद खतरनाक है. इस स्वीटनर से जिससे सिरदर्द आम है. इतना ही नहीं इससे चक्कर आती है, याददाश्त पर बुरा असर पड़ता है और कभी कभी नज़र भी चली जाती है. डिप्रेशन यानी अवसाद और वजन बढ़ना इस पदार्थ से जुड़ी बड़डी समस्या है. आपको अचरज होगा कि यही पदार्थ वजन कम करने के नाम पर चाय में चीनी के विकल्प के तौर पर बेचा जाता है . बहरहाल ये बच्चों के लिए ज़हर से कम नहीं और कोक, पेप्सी या कोई भी शीतल पेय जिसमें ये पदार्थ हैं वो बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड है.

खतरा इतना ही नहीं.
कोला में केवल चीनी ही नहीं बल्कि फॉस्फोरिक एसिड भी पाया जाता है. यह अम्ल मुंह में पहुंच कर दांतों के कैल्शियम को गला देता है और और दांत की सबसे ऊपरी परत एनामेल को भी नुकसान पहुंचाता है. इससे दांतों में कैविटी होने का खतरा बढ़ जाता है.
इसके अलावा इनमें ऐसे घटक शामिल होते हैं जो हमारे शरीर को उनका आदी बना देता है. धीरे-धीरे इसके सेवन से डायबीटिज के साथ-साथ और भी कई खतरनाक बीमारी हो सकती है.

शरीर का मेटाबॉलिज्म रेट कम करता है:
कई लोगों को सॉफ्ट ड्रिंक्स की लत लग जाती है. लेकिन ये हमारे शरीर पर कई हानिकारक प्रभाव भी डालते हैं. ये पेय पदार्थ शरीर के मेटाबॉलिक रेट को कम करता है और वसा को जलाने वाले एंजाइम्स को नष्ट करता है. इस प्रकार किसी को इन शीतल पेय पदार्थों को दैनिक आधार पर उपभोग नहीं करना चाहिए.

मोटापा और मधुमेह(डायबीटिज) की समस्या बढ़ाता है:

कोई इस तथ्य से इनकार नहीं कर सकता है कि इन सोडा एरेटेड ड्रिंक्स का अधिक सेवन वजन बढ़ने का कारण बन सकता है. रोजाना इनका सेवन करना अत्यधिक मोटापा का कारण बनता है. इस प्रकार शरीर में मोटापा और मधुमेह जैसी बहुत सारी समस्याएं होने लगती हैं. एक अध्ययन से पता चला है कि सोडा पीने से हमारा शरीर किस तरह से प्रभावित होता है और इससे मधुमेह और मोटापा कैसे होता है.

हड्डियों को नुकसान पहुंचाता:
कोल्ड ड्रिंक्स या सोडा ड्रिंक्स का अधिक सेवन करना बोन मिनरल डेंसिटी को प्रभावित करता है. इसके कारण हड्डियां जल्दी-जल्दी फ्रैक्चर होने लगती है क्योंकि ये पेय हड्डियों को कमजोर बनाती हैं. इन ड्रिंक्स में कैफीन होता है जो पेशाब के माध्यम से शरीर से कैल्शियम एक्सक्रिशन की मात्रा में वृद्धि करता है. इस प्रकार एक अध्ययन के मुताबिक ऑस्टियोपोरोसिस और हाइपोकैल्सीमिया का खतरा बढ़ जाता है