‘इस महिला नेता से फोन पर करो खट्टी मीठी बाते’, ट्रेन के टॉयलेट में लगा नंबर के साथ विज्ञापन

‘इस महिला नेता से फोन पर करो खट्टी मीठी बाते’, ट्रेन के टॉयलेट में लगा नंबर के साथ विज्ञापन

नई दिल्ली : जानी-मानी सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया का किसी शरारती तत्व ने ट्रेन के टॉयलेट में फोन नंबर लिख दिया, जिसके बाद उन्हें बेहूदा कॉल्स आनी शुरू हो गईं. इस बात की जानकारी खुद अंजलि दमानिया ट्वीट कर दी. अंजलि दमानिया ने ट्वीट में लिखा- ”यह घृणास्पद और बीमार स्तर है जिसके लिए राजनेता गिर सकते हैं. पिछले 3 दिनों से मुझे जलगांव, भुसावल, सूरत, गोरखपुर से शरारती लोगों के द्वारा फोन कर परेशान किया गया है. ठीक अभी भुसावल जा रही एक पैसेंजर गाड़ी, जो कि अभी चालिसगांव में है, एक आदमी ने मुझे कॉल की.” आपको पता होगा कि अंजली दमनिया कैंसर की मरीज़ हैं और उनका दो बार ऑपरेशन हो चुका है

अंजलि दमानिया ने ट्वीट में वह तस्वीर भी शेयर की जिसमें उनका फोन नंबर लिखा दिखाई दे रहा है. साथ ही यह भी लिखा दिखाई दे रहा है- ”अंजली से खट्टी मीठी बातें करो.” अंजलि ने ट्वीट में रेल मंत्री पियूष गोयल, रेल मंत्रालय, मुंबई के पुलिस आयुक्त और मुंबई पुलिस के आधिकारिक ट्वीटर हैंडल को टैग किया है. अंजलि के इस ट्वीट पर रेलवे ने संज्ञान लेकर कार्रवाई के लिए कहा है.

आरपीएफ भुसावल ने जवाब में लिखा- ”उक्त शिकायत के संबंध में भुसावल मंडल के सभी थाना प्रभारियों को सूचित किया गया है कि इस प्रकार के स्टीकर मिलते हैं तो उन्हें तुरंत हटाया जाये तथा शरारती तत्वों पर नजर रखी जाये तथा उनके विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाये.” चूंकि अंजलि दमानिया ने ट्वीट में इस हरकत के पीछे राजनीतिक साजिश की ओर संकेत किया है तो कुछ यूजर्स इससे भी जुड़ी प्रतिक्रियाएं देने लगे. एक यूजर ने अंजलि दमानिया से यह भी पूछ लिया कि वह ट्विटर पर अपना नंबर क्यों डिस्प्ले कर रही हैं?

बता दें कि अंजलि दमानिया महाराष्ट्र के पूर्व राजस्व मंत्री एकनाथ खडसे के मानहानी मामले को लेकर सुर्खियों में थीं. हाल ही में उन्हें इस मामले में जमानत मिली. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अदालात में लगातार हाजिर होने पर उनके खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट तक जारी किया गया था. उन्हें व्यक्तिगत 15 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत मिली. दमानिया ने अदालत में कहा कि दो बार उनका कैंसर का ऑपरेशन हुआ है, जिसके चलते डॉकटरों ने आराम करने की सलाह दी थी, इसी वजह से वह कोर्ट में पेश नहीं हो सकीं.

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