31 मार्च तक ये 6 काम नहीं किए तो होगा नुकसान, सरकारी रूल है मानना तो पड़ेगा

पैन-आधार लिंकिंग- पैन-आधार (PAN-Aadhaar) कार्ड को आपस में लिंक करने की डेडलाइन बढ़ाकर 31 मार्च 2019 कर दी गई है जो पहले 30 जून, 2018 तय की गई थी. अगर नए डेडलाइन के अंदर आपने यह जरूरी काम नहीं निपटाया तो इनकम टैक्स एक्ट की धारा 139एए के तहत आपका पैन बेकार माना जाएगा.

2017-18 के लिए ITR फाइल करना- अगर आपने अभी तक वित्त वर्ष 2017-18 का इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) नहीं भरा है, 1 जनवरी 2019 से लेकर 31 मार्च 2019 तक अगर आप अपना ITR दाखिल करते हैं तो आपको 10 हजार रुपये की पेनल्टी देनी होगी. सरकार ने हालांकि छोटे करदाताओं को राहत देने के उद्देश्य से पांच लाख रुपये तक की आय वाले करदाताओं के लिए पेनल्टी की अधिकतम रकम 1 हजार रुपये रखी है. अगर आपने वित्त वर्ष 2017-18 (आकलन वर्ष 2018-19) के इनकम टैक्स रिटर्न में कोई गलती की है, तो उसमें सुधार करने की अंतिम तिथि भी 31 मार्च, 2019 है.

इन्वेस्टमेंट प्रूफ- अगर आप 80C के तहत अगर आप टैक्स में छूट चाहते हैं तो इसके लिए आपको 31 मार्च तक अपना इन्वेस्टमेंट प्रूफ जमा करने होंगे. अपना इन्वेस्टमेंट प्रूफ जमा करने के लिए आपको इन्वेस्टमेंट करना होगा. ताकि आप टैक्स छूट का फायदा उठा सके.

फाइनेंशियल ईयर 2018-19 खत्म होने में ज्यादा दिन नहीं बचे हैं. कई जरूरी काम ऐसे हैं, जिसे निपटाने के लिए 31 मार्च तक की डेडलाइन है. अगर तय डेडलाइन पर ये काम नहीं निपटाते हैं तो आपको मुसीबत हो सकती है या पेनल्टी देनी पड़ सकती है. आइए जानते हैं वह 6 काम जो 31 मार्च तक करना जरूरी है…

पसंदीदा टीवी चैनल चुनने की आखिरी तारीख- 31 मार्च 2019 पसंदीदा चैनल चुनने की आखिरी तारीख है. बता दें कि टीवी चैनल के चुनने की डेडलाइन 29 दिसंबर थी, जिसे बढ़ाकर 31 जनवरी कर दी गई थी. बीते एक फरवरी को ट्राई का नया नियम लागू हुआ था, जिसके तहत ग्राहक अपने पसंदीदा टीवी चैनल चुन सकेंगे. उन्हें सिर्फ उन्हीं चैनलों का शुल्क चुकाना होगा.

GST वार्षिक रिटर्न जमा करने की आखिरी तारीख- गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) सालना रिटर्न जमा कराने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2019 है. अब कारोबारी 31 मार्च तक सालाना रिटर्न जमा कर सकते हैं. इससे पहले GST सालना रिटर्न फार्म जमा कराने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2018 रखी गई थी. सालाना रिटर्न फॉर्म में GST के तहत पंजीकृत इकाइयों को बिक्री, खरीद और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) की पूरी जानकारी देनी होती है.

फिजिकल शेयर को डीमैट कराएं- अगर आपके पास अभी भी शेयर फिजिकल फॉर्म में हैं, तो उन्हें 1 अप्रैल, 2019 से पहले डीमैट में करा लें. अगर इस समय-सीमा के अंदर आपने शेयर को डीमैट में नहीं कराया, तो इन्हें बेच नहीं पाएंगे.