BJP में बुजुर्गों की बेइज्जती! 75+ के मंत्री का मकान खाली होगा.

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भोपाल। मोदी केबिनेट विस्तार के बाद फार्मूला 75 का विरोध करते ही हटाए गए मंत्री सरताज सिंह को बंगला खाली करने का नोटिस थमा दिया गया। अभी उन्हें पद से हटाए हुए 6 दिन ही हुए हैं। इस तुरत फुरत कार्रवाई को मोदी विरोधी बयानबाजी से जोड़कर देखा जा रहा है। सरताज सिंह ने मोदी केबिनेट में फार्मूला 75 अप्लाई ना करने पर सवाल उठाए थे। 

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हटाए गए मंत्री सरताज सिंह को केवल नोटिस ही नहीं दिया गया बल्कि उनके बंगले को राज्यमंत्री बने हर्ष सिंह को आवंटित भी कर दिया गया। गौरतलब है कि मंत्रिमंडल विस्तार में 75 साल से ज्यादा उम्र होने का कारण बताते हुए उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देने को कहा गया था। 

क्या कहा था सरताज ने 

राजधानी में अपने आवास पर मंगलवार को चर्चा करते हुए सरताज सिंह कई बार भावुक भी हुए, वह यही कह रहे थे कि अगर उन्हें मंत्रिमंडल से हटाया ही जाना था तो पार्टी सिर्फ उन्हें आदेश दे देती तो वह पद छोड़ देते। यह कहने की जरूरत ही नहीं थी कि वह 75 वर्ष की आयु पार कर गए हैं। “उन्हें प्रदेश प्रभारी विनय सहस्रबुद्धे व प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान ने यही बताया था कि भाजपा ने राष्ट्रीय स्तर पर निर्णय लिया है कि 75 वर्ष की आयु से ज्यादा के लोगों को मंत्री नहीं बनाया जाए, लिहाजा वे पद से इस्तीफा दे दें, पार्टी के निर्देश का पालन करते हुए पद से इस्तीफा दे दिया, मगर केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल के विस्तार में इस नीति का पालन नहीं हुआ, इससे कई सवाल मन में उठ रहे हैं।”

ज्ञात हो कि केंद्रीय मंत्रिमंडल में नजमा हेपेतुल्ला और कलराज मिश्र भी 75 वर्ष की आयु पार कर गए हैं, इसी के चलते इस बात की चर्चा थी कि उन्हें भी मंत्री पद से हटा दिया जाएगा, मगर ऐसा हुआ नहीं।

सरताज सिंह का कहना है कि सिर्फ उन्हें और बाबूलाल गौर को उम्र के आधार पर हटाया जाना और केंद्रीय मंत्रियों को इसमें छूट देना सवाल तो खड़े करता ही है। उनके साथ ऐसा क्यों हुआ, इसको लेकर वह राष्ट्रीय नेतृत्व के सामने अपनी बात रखेंगे, उसके बाद ही कोई फैसला करेंगे। अगर राष्ट्रीय नीति है तो दो तरह के फैसले क्यों हुआ। इससे पार्टी के फैसलों की विश्वसनीयता पर असर पड़ता है। राजनीति में विश्वसनीयता का ही महत्व होता है।

बाबूलाल गौर की चर्चा करते हुए सरताज कहते हैं कि जो आदमी लगातार दस बार विधानसभा का चुनाव जीता हो और लगातार जीत का अंतर बढ़ाते हुए विधायक बना हो, उसे उम्र के आधार पर हटाने का फैसला लोकतंत्र को ही कमजोर करने वाला माना जाएगा।
Courtsey:Bhopal samachar

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