सिपाही ने एक झटके में पाए 7 प्रमोशन, मेहनत लाई रंग

ये कहानी एक ऐसे कांस्टेबल की है जिसने एक झटके में अपनी काबिलियत के दम पर इकट्ठे पांच सात प्रमोशन हासिल कर लिए. ये कांस्टेबल सीधे डिप्टी कलेक्टर बन गए हैं

अपनी मेहनत और लगन के दम पर श्यामबाबू नाम के इस कांस्टेबल ने यूपी पीसीएस में 52 वी रैंकिंग हासिल की है. श्याम बाबू  उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की बैरिया तहसील का रहने वाला है. के छोटे से गांव इब्राहिमाबाद का रहने वाला है.

श्याम बाबू ने 2005 में बलिया के रानीगंज स्थित श्री सुदिष्ट बाबा इंटर कॉलेज से श्याम बाबू ने इंटरमीडिएट किया था, जिसके बाद वह बतौर कॉन्स्टेबल उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती हो गए थे. एनबीटी ऑनलाइन ने श्याम बाबू से खास बातचीत की. श्याम बाबू कहते हैं, ‘गांव में तो यही रहता है कि एक सरकारी नौकरी मिल जाए. मेरे गांव में भइया रवि कुमार सिंह हैं, जो 2014 में डेप्युटी एसपी के पद पर तैनात हुए थे. गांव से पहला पीसीएस एग्जाम उन्होंने क्लियर किया था और दूसरा मैंने किया है.’

14 साल से पुलिस विभाग में बतौर कॉन्स्टेबल कार्यरत श्याम बाबू वर्तमान में प्रयागराज हेडक्वॉर्टर में तैनात हैं. उनके परिवार में मां किशोरी देवी, पिता धर्मनाथ के अलावा पांच बहनें और एक बड़े भाई हैं. श्याम बाबू बताते हैं कि पांचों बहनों की शादी हो चुकी है, बड़े भाई उमेश कुमार इनकम टैक्स में इन्स्पेक्टर पद पर कार्यरत हैं. श्याम बाबू के मुताबिक, उन्होंने पीसीएस की तैयारी ग्रैजुएशन के बाद 2009-10 से शुरू कर दी थी लेकिन 2013 के बाद वह इसे लेकर गंभीर हुए.

‘दिन में ऑफिस का काम करता और रात में पढ़ाई’

श्याम बाबू एक लंबे वक्त तक बतौर कॉन्स्टेबल यूपी पुलिस से जुड़े रहे हैं. महकमे से मिलने वाले सहयोग के बारे में वह कहते हैं, ‘मैंने शुरू में थाने में नौकरी की लेकिन बाद में ऑफिस में आ गया. ऑफिस में आने से इस बात की सहूलियत हो गई कि दिन के वक्त दफ्तर का काम खत्म करता था और रात के वक्त में पढ़ाई भी हो जाती थी.’ वह बताते हैं, ‘पढ़ाई की वजह से तकरीबन सभी दोस्तों से नाता टूट गया था, शुक्रवार को जब इस बात की खबर मिली तो ढेरों दोस्तों ने बधाई देने के लिए फोन किया. कई ने तो सोशल मीडिया पर मुझे शुभकामनाएं दीं.’

1 टिप्पणी

  1. बहुत बहुत मुबारकबाद। इस तरह आप लगे रहो और ऊंचाइयों को छूते रहो।

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